{"_id":"689a242c44c92b7fde0c91f5","slug":"caravan-of-faith-bhadrawah-resident-bhag-singh-has-been-coming-to-mani-mahesh-for-47-years-chamba-news-c-88-1-ssml1006-158188-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"आस्था का कारवां : 47 साल से मणिमहेश आ रहे भद्रवाह निवासी भाग सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आस्था का कारवां : 47 साल से मणिमहेश आ रहे भद्रवाह निवासी भाग सिंह
Mon, 11 Aug 2025 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 11 Aug 2025 10:41 PM IST
विज्ञापन
कोशल्या देवी।संवादमणिमहेश जत्थे वाली खबर के साथ
चंबा। जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह निवासी भाग सिंह इस बार भी अपनी छड़ी के साथ यात्रा पर निकले हैं। 47 साल से मणिमहेश यात्रा कर रहे भाग सिंह ने बताया कि रविवार को उनकी छड़ी मलोथा मंदिर से रवाना हुई और लंगेरा में पहला पड़ाव डाला। सोमवार सुबह जयकारों के साथ चौगान में प्रवेश किया। यहां एक दिन ठहरने के बाद यह भरमौर के लिए रवाना होगी।
उन्होंने बताया कि इस छड़ी में 350 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें कई ऐसे हैं, जो 20 से 30 साल से लगातार यात्रा कर रहे हैं। महिलाएं भी बड़ी संख्या में इसमें भाग ले रही हैं। पहले यह यात्रा पूरी तरह पैदल होती थी, लेकिन अब बसों के माध्यम से की जा रही है। जन्माष्टमी पर छड़ी डल झील में आस्था की डुबकी लगाएगी और पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन करेगी।
क्या बोले श्रद्धालु
यात्रा में शामिल कौशल्या देवी पिछले 30 साल से मणिमहेश जा रही हैं। उनका कहना है कि भगवान शंकर से सच्चे मन से मांगी हर मनोकामना पूरी हुई है, इसी कारण उनका विश्वास अटूट है।
विज्ञापन
हंसराज 26 साल और उर्मिला देवी 10 साल से यात्रा कर रहे हैं। इन श्रद्धालुओं का मानना है कि मणिमहेश एक ऐसा दिव्य तीर्थ है, जहां सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना भगवान शंकर अवश्य स्वीकार करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस छड़ी में 350 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें कई ऐसे हैं, जो 20 से 30 साल से लगातार यात्रा कर रहे हैं। महिलाएं भी बड़ी संख्या में इसमें भाग ले रही हैं। पहले यह यात्रा पूरी तरह पैदल होती थी, लेकिन अब बसों के माध्यम से की जा रही है। जन्माष्टमी पर छड़ी डल झील में आस्था की डुबकी लगाएगी और पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन करेगी।
विज्ञापन
क्या बोले श्रद्धालु
यात्रा में शामिल कौशल्या देवी पिछले 30 साल से मणिमहेश जा रही हैं। उनका कहना है कि भगवान शंकर से सच्चे मन से मांगी हर मनोकामना पूरी हुई है, इसी कारण उनका विश्वास अटूट है।
विज्ञापन
हंसराज 26 साल और उर्मिला देवी 10 साल से यात्रा कर रहे हैं। इन श्रद्धालुओं का मानना है कि मणिमहेश एक ऐसा दिव्य तीर्थ है, जहां सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना भगवान शंकर अवश्य स्वीकार करते हैं।