{"_id":"64a8555e454e6e8fa008af1d","slug":"boil-drinking-water-to-children-dr-bhardwaj-chamba-news-c-88-1-ssml1006-2664-2023-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को पीने का पानी उबालकर दें : डॉ. भारद्वाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को पीने का पानी उबालकर दें : डॉ. भारद्वाज
Fri, 07 Jul 2023 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 07 Jul 2023 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। मानसून सीजन में जल जनित रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना इस तरह के मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। बाल और मेडिसिन वार्ड में जलजनित रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है। बच्चे वायरल की चपेट में भी आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन मरीजों के उपचार के लिए प्रबंधन की तरफ से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में खंड चिकित्सा अधिकारियों को जल जनित रोगों से पीड़ित होने वाले मरीजों के इलाज में अपने इंतजाम पूरे रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि बरसात शुरू होने से पहले विभाग ने हरेक घर में ओआरएस घोल और जिंक की दवाई पहुंचा दी थी। आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों को यह भी बता दिया था कि डायरिया या दस्त होने पर इसका इस्तेमाल कैसे करना है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने जिले के लोगों को बरसात के दौरान विशेष एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को बताया गया है कि वे अपने बच्चों को पीने के लिए पानी उबाल कर दें क्योंकि बरसात के मौसम में पानी के स्रोतों में मिट्टी सहित अन्य गंदगी घुलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में दूषित पानी पीने से बीमारी हो सकती है। जल जनित रोगों के साथ-साथ बरसात के मौसम में होने वाली प्राकृतिक आपदा में घायल होने वाले लोगों के उपचार को लेकर भी सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें गंभीर मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद कैसे बड़े अस्पताल में रेफर करना है इसको लेकर भी जानकारी दी गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल में जो मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं उनके इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में खंड चिकित्सा अधिकारियों को जल जनित रोगों से पीड़ित होने वाले मरीजों के इलाज में अपने इंतजाम पूरे रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि बरसात शुरू होने से पहले विभाग ने हरेक घर में ओआरएस घोल और जिंक की दवाई पहुंचा दी थी। आशा कार्यकर्ताओं ने लोगों को यह भी बता दिया था कि डायरिया या दस्त होने पर इसका इस्तेमाल कैसे करना है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने जिले के लोगों को बरसात के दौरान विशेष एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को बताया गया है कि वे अपने बच्चों को पीने के लिए पानी उबाल कर दें क्योंकि बरसात के मौसम में पानी के स्रोतों में मिट्टी सहित अन्य गंदगी घुलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में दूषित पानी पीने से बीमारी हो सकती है। जल जनित रोगों के साथ-साथ बरसात के मौसम में होने वाली प्राकृतिक आपदा में घायल होने वाले लोगों के उपचार को लेकर भी सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें गंभीर मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद कैसे बड़े अस्पताल में रेफर करना है इसको लेकर भी जानकारी दी गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल में जो मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं उनके इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
विज्ञापन