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Chamba News: 14 लाख की गड़बड़ी में निलंबित हो सकते हैं बीओ और वन रक्षक

Sun, 07 Apr 2024 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 07 Apr 2024 10:14 PM IST
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BO and forest guard may be suspended due to irregularities of Rs 14 lakh
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14 लाख की गड़बड़ी में निलंबित हो सकते हैं बीओ और वन रक्षक
वन विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर मांगा जवाब
जवाब नहीं देने की स्थिति में वन विभाग कर सकता है एकतरफा कार्रवाई
वन प्रबंधन समिति के प्रधान के हस्ताक्षर बदलकर निकाली गई थी धनराशि

प्रवीण कुमार
चंबा। जाली हस्ताक्षर कर 14 लाख रुपये की गड़बड़ी के मामले में वन विभाग वन खंड अधिकारी और वन रक्षक को सस्पेंड कर सकता है। फिलहाल, विभाग ने मामले में संलिप्त वन खंड अधिकारी और वन रक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 15 दिन में उन्हें नोटिस का जवाब देना होगा। अन्यथा, विभाग एकतरफा कार्रवाई भी कर सकता है। चुराह वन मंडल में हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट ईको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट के तहत गठित वन प्रबंधन समिति के प्रधान को बदलकर वन खंड अधिकारी ने इस गड़बड़ी को अंजाम दिया। इसका पता उस समय चला, जब कुछ लोगों ने इसकी शिकायत वन विभाग के वनमंडल अधिकारी से की। इन लोगों ने बताया कि पहले उनके खातों में वन प्रबंधन समिति के तहत पैसा डाला गया। बाद में इसी पैसे को उनसे मांग लिया गया। यह पैसा वन रक्षक ने अपने निजी खाते में जमा करवाया। बाद में इसे निकाल भी लिया।

चुराह विधानसभा क्षेत्र में वन खंड अधिकारी ने सबसे पहले प्रोजेक्ट के तहत वन प्रबंधन समिति के प्रधान को बदला। उसके बाद बैंक में पुराने प्रधान के हस्ताक्षर को बदला। इसके बाद बैंक में समिति के खाते में जमा धनराशि को निकाल लिया। समिति के प्रधान को बदलने के बारे में वनमंडलाधिकारी को भी सूचना नहीं दी। जैसे ही विभाग के पास इसकी शिकायत पहुंची तो वन मंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने स्वयं मामले में गंभीरता से जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह बात साबित हो गई कि वन खंड अधिकारी ने पुराने प्रधान के हस्ताक्षर बदलकर 14 लाख की धनराशि बैंक से निकाली। जब उन्होंने बैंक प्रबंधक से पूछताछ की कि बिना विभागीय उच्चाधिकारी की अनुमति लिए उन्होंने कैसे हस्ताक्षर बदल दिए तो बैंक की तरफ से आनाकानी की जाने लगी। मामले में आगे जांच करते हुए पाया गया कि यह धनराशि बैंक से निकालकर वन रक्षक के खाते में डाली गई थी। यहां से इसे निकालकर बंटवारा किया गया।
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उधर, मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि 14 लाख की गड़बड़ी के मामले में वन खंड अधिकारी और वन रक्षक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। 15 दिन बाद उनका जवाब आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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