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Chamba News: बैंक खाते में नामांकित होने से पूरी रकम पर हक नहीं
Mon, 12 Oct 2026 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 12 Oct 2026 10:38 PM IST
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चंबा अदालत का फैसला, मृतक की जमा राशि सभी वैधानिक वारिसों में बराबर बांटने का आदेश
संयुक्त खातों में वादियों को नहीं मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बैंक खाते में नामांकित व्यक्ति को मृतक की पूरी जमा राशि का एकमात्र मालिक नहीं माना जा सकता।
चंबा के सिविल जज प्रणव नेगी की अदालत ने साहबू दीन के बैंक खाते से जुड़े मामले में यह स्पष्ट करते हुए एक खाते में जमा राशि सभी वैधानिक वारिसों में बराबर बांटने का आदेश दिया है। अदालत ने वादियों का मुकदमा आंशिक रूप से स्वीकार किया।
मामले में मोहम्मद अशरफ और अन्य वादियों ने साहबू दीन की मृत्यु के बाद भारतीय स्टेट बैंक की सुरंगानी शाखा में उनके पांच खातों में जमा राशि में अपना हिस्सा मांगा था। वादियों का आरोप था कि मृतक की दूसरी पत्नी मुमताज बेगम नामांकन के आधार पर पूरी रकम लेने की हकदार बन रही थीं।
अदालत ने खाता संख्या 35380685006 के संबंध में स्पष्ट किया कि मुमताज बेगम के नामांकित होने मात्र से वह पूरी राशि की एकमात्र मालिक नहीं बन जातीं। इस खाते में जमा रकम सभी वैधानिक वारिसों में बराबर बांटी जाएगी।
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हालांकि, अदालत ने संयुक्त खातों के संबंध में वादियों को राहत नहीं दी। वहीं, एक अन्य खाते में नामांकन के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने उस संबंध में कोई आदेशात्मक घोषणा नहीं की। इस तरह अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और खातों की स्थिति के आधार पर वादियों को आंशिक राहत प्रदान की।
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संयुक्त खातों में वादियों को नहीं मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बैंक खाते में नामांकित व्यक्ति को मृतक की पूरी जमा राशि का एकमात्र मालिक नहीं माना जा सकता।
चंबा के सिविल जज प्रणव नेगी की अदालत ने साहबू दीन के बैंक खाते से जुड़े मामले में यह स्पष्ट करते हुए एक खाते में जमा राशि सभी वैधानिक वारिसों में बराबर बांटने का आदेश दिया है। अदालत ने वादियों का मुकदमा आंशिक रूप से स्वीकार किया।
मामले में मोहम्मद अशरफ और अन्य वादियों ने साहबू दीन की मृत्यु के बाद भारतीय स्टेट बैंक की सुरंगानी शाखा में उनके पांच खातों में जमा राशि में अपना हिस्सा मांगा था। वादियों का आरोप था कि मृतक की दूसरी पत्नी मुमताज बेगम नामांकन के आधार पर पूरी रकम लेने की हकदार बन रही थीं।
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अदालत ने खाता संख्या 35380685006 के संबंध में स्पष्ट किया कि मुमताज बेगम के नामांकित होने मात्र से वह पूरी राशि की एकमात्र मालिक नहीं बन जातीं। इस खाते में जमा रकम सभी वैधानिक वारिसों में बराबर बांटी जाएगी।
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हालांकि, अदालत ने संयुक्त खातों के संबंध में वादियों को राहत नहीं दी। वहीं, एक अन्य खाते में नामांकन के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने उस संबंध में कोई आदेशात्मक घोषणा नहीं की। इस तरह अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और खातों की स्थिति के आधार पर वादियों को आंशिक राहत प्रदान की।