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Chamba News: टीबी के खात्मे में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे आयुर्वेदिक चिकित्सक
Sun, 19 Jul 2026 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:29 PM IST
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चिकित्सकों से ज्यादा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी टीबी जांच को रेफर कर रहे मरीज
एक महीने में जिले में 12527 की ओपीडी में टीबी जांच को रेफर किए 55 मरीज
उपायुक्त ने भी दिए थे टीबी जांच की दर बढ़ाने के निर्देश, नहीं की जा रही पालना
प्रवीण कुमार
चंबा। जिले में टीबी के मरीजों को तलाशने में आयुर्वेदिक विभाग का सहयोग न के बराबर है।
मई में जिले के सात स्वास्थ्य खंडों के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों में 12527 ओपीडी दर्ज हुई लेकिन टीबी की जांच के लिए मात्र 55 मरीज रेफर किए गए। यह शून्य पांच प्रतिशत बनता है। इस आंकड़े से पता चलता है कि आयुष विभाग को इस बात से लेना-देना ही नहीं है कि जिला टीबी मुक्त हो या न हो। इन चिकित्सकों से ज्यादा जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में काम करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी टीबी जांच के लिए मरीजों को रेफर कर रहे हैं।
स्वास्थ्य खंड चूड़ी में आयुष स्वास्थ्य संस्थानों के अंतर्गत मई में 2430 की ओपीडी हुई और चार केस टीबी जांच के लिए रेफर किए गए। भरमौर में 1645 और रेफर एक, किहार में 1756 और रेफर दो, किलाड़ में 532 रेफर एक भी नहीं, पुखरी 2950 और रेफर 41, समोट में 2015 और रेफर तीन, तीसा में 1205 मरीजों की ओपीडी हुई और टीबी की जांच के लिए मात्र तीन मरीज रेफर किए गए।
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पुखरी में रेफर 41 मरीजों में मिला था टीबी संक्रमित
स्वास्थ्य खंड पुखरी में रेफर 41 मरीजों में एक मरीज टीबी संक्रमित भी निकला था। वह न जाने कितने लोगों के संपर्क में आया होगा। ऐसे में टीबी जांच की तेजी से ही छिपे हुए मरीजों को तलाश कर उनका इलाज संभव है।
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-- डीसी ने मांगा था अभियान सफल बनाने में सहयोग
पिछले साल टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने आयुष विभाग को आदेश दिए थे कि इस अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग करें। टीबी जांच के लिए मरीजों की संख्या बढ़ाएं लेकिन उन आदेशों पर पालना नहीं की गई।
-- उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि हाल ही में हुई बैठक में आयुष विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि टीबी जांच की दर बढ़ाएं। आगामी बैठक में सुधार की समीक्षा की जाएगी।
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एक महीने में जिले में 12527 की ओपीडी में टीबी जांच को रेफर किए 55 मरीज
उपायुक्त ने भी दिए थे टीबी जांच की दर बढ़ाने के निर्देश, नहीं की जा रही पालना
प्रवीण कुमार
चंबा। जिले में टीबी के मरीजों को तलाशने में आयुर्वेदिक विभाग का सहयोग न के बराबर है।
मई में जिले के सात स्वास्थ्य खंडों के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों में 12527 ओपीडी दर्ज हुई लेकिन टीबी की जांच के लिए मात्र 55 मरीज रेफर किए गए। यह शून्य पांच प्रतिशत बनता है। इस आंकड़े से पता चलता है कि आयुष विभाग को इस बात से लेना-देना ही नहीं है कि जिला टीबी मुक्त हो या न हो। इन चिकित्सकों से ज्यादा जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में काम करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी टीबी जांच के लिए मरीजों को रेफर कर रहे हैं।
स्वास्थ्य खंड चूड़ी में आयुष स्वास्थ्य संस्थानों के अंतर्गत मई में 2430 की ओपीडी हुई और चार केस टीबी जांच के लिए रेफर किए गए। भरमौर में 1645 और रेफर एक, किहार में 1756 और रेफर दो, किलाड़ में 532 रेफर एक भी नहीं, पुखरी 2950 और रेफर 41, समोट में 2015 और रेफर तीन, तीसा में 1205 मरीजों की ओपीडी हुई और टीबी की जांच के लिए मात्र तीन मरीज रेफर किए गए।
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पुखरी में रेफर 41 मरीजों में मिला था टीबी संक्रमित
स्वास्थ्य खंड पुखरी में रेफर 41 मरीजों में एक मरीज टीबी संक्रमित भी निकला था। वह न जाने कितने लोगों के संपर्क में आया होगा। ऐसे में टीबी जांच की तेजी से ही छिपे हुए मरीजों को तलाश कर उनका इलाज संभव है।
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पिछले साल टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने आयुष विभाग को आदेश दिए थे कि इस अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग करें। टीबी जांच के लिए मरीजों की संख्या बढ़ाएं लेकिन उन आदेशों पर पालना नहीं की गई।