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Chamba News: जंगली जानवरों से पौधों की सुरक्षा करेगी एंटी हेलनेट
Wed, 27 Mar 2024 06:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 27 Mar 2024 06:56 PM IST
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जंगली जानवरों से पौधों की सुरक्षा करेगी एंटी हेलनेट
चुराह विधानसभा क्षेत्र के सात किसानों को विभाग ने अनुदान पर उपलब्ध करवाए एंटी हेलनेट
बागवानों को चुकानी पड़ी 20 फीसदी राशि, योजना के तहत 80 फीसदी का विभाग ने किया भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र में बागवानों की फसलों को सुरक्षा कवच मिल गया है। क्षेत्र के सात बागवानों को उद्यान विभाग ने अनुदान पर एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाए हैं। बगीचों में एंटी हेलनेट लगने से अब उनके फलदार पौधों का जंगली जानवरों से बचाव होगा। जंगली जानवर बागवानों के बगीचों में जमकर उत्पात मचाते थे। इस कारण कई बागवान बगीचों में फलदार पौधे लगाने से परहेज करने लगे हैं। केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के तहत अब बागवानों को सेब समेत अन्य फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए विभाग ने 80 प्रतिशत सब्सिडी पर एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसमें बागवानों को कुल राशि का 20 प्रतिशत ही चुकता करना पड़ा है। शेष 80 प्रतिशत राशि विभाग की ओर से चुकता की गई। चुराह क्षेत्र के तहत आते खुशनगरी, थल्ली, गुवाड़ी, कल्हेल, पधर, झझाकोठी, तीसा-द्वितीय के बागवानों को एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाई गई। वर्ल्ड बैंक परियोजना के समन्वयक रोहित राठौर ने बताया कि बागवानों को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ने के लिए बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय प्रायोजित एंटी हेलनेट स्कीम कारगर साबित हो रही है। योजना के तहत बागवान अपनी फसलों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं।
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चुराह विधानसभा क्षेत्र के सात किसानों को विभाग ने अनुदान पर उपलब्ध करवाए एंटी हेलनेट
बागवानों को चुकानी पड़ी 20 फीसदी राशि, योजना के तहत 80 फीसदी का विभाग ने किया भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र में बागवानों की फसलों को सुरक्षा कवच मिल गया है। क्षेत्र के सात बागवानों को उद्यान विभाग ने अनुदान पर एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाए हैं। बगीचों में एंटी हेलनेट लगने से अब उनके फलदार पौधों का जंगली जानवरों से बचाव होगा। जंगली जानवर बागवानों के बगीचों में जमकर उत्पात मचाते थे। इस कारण कई बागवान बगीचों में फलदार पौधे लगाने से परहेज करने लगे हैं। केंद्रीय प्रायोजित स्कीम के तहत अब बागवानों को सेब समेत अन्य फलदार पौधों की सुरक्षा के लिए विभाग ने 80 प्रतिशत सब्सिडी पर एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसमें बागवानों को कुल राशि का 20 प्रतिशत ही चुकता करना पड़ा है। शेष 80 प्रतिशत राशि विभाग की ओर से चुकता की गई। चुराह क्षेत्र के तहत आते खुशनगरी, थल्ली, गुवाड़ी, कल्हेल, पधर, झझाकोठी, तीसा-द्वितीय के बागवानों को एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाई गई। वर्ल्ड बैंक परियोजना के समन्वयक रोहित राठौर ने बताया कि बागवानों को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ने के लिए बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय प्रायोजित एंटी हेलनेट स्कीम कारगर साबित हो रही है। योजना के तहत बागवान अपनी फसलों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं।