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Chamba News: हवा हवाई रही द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे निर्माण की घोषणा
Thu, 04 Apr 2024 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 04 Apr 2024 10:38 PM IST
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चुनाव संबंधी
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हवा हवाई रही द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे निर्माण की घोषणा
वर्ष 2016 धर्मशाला में नितिन गडकरी ने की है हाईवे निर्माण की घोषणा
हाईवे निर्माण होने से पांगी की 20 हजार की आबादी को मिलना है लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे की घोषणा हवा-हवाई ही साबित हुई है। हाईवे का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। वर्ष 2016 में नितिन गडकरी ने धर्मशाला में द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे का निर्माण करवाने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा 2022 के चुनाव तक घोषणा तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, पर्यटन को बढ़ावा देने, द्रम्मण-चुराह साच पास और किलाड़ पास में दुर्घटनाओं को रोकने की योजना धरी की धरी रह गई है। हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में शुमार चंबा जिले का पांगी नेशनल हाईवे से जुड़ने का कार्य फाइलों से आगे नहीं सरक सका। द्रम्मण से किलाड़ तक 271 किलोमीटर लंबे हाईवे को बनाने की योजना है। इससे पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के लिए भी वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिलेगी। कांगड़ा के द्रम्मण में एनएच 154 से शुरू होकर यह मार्ग सिहुंता होते हुए चुवाड़ी जोत, चंबा, तीसा, साच पास और किलाड़ तक पहुंचाया जाना था। चंबा से आगे यह एनएच बेहद दुर्गम क्षेत्र पीर पंजाल की पहाड़ियों और साच पास दरें से होकर बनाने की योजना थी। चंबा से किलाड़ की दूरी 158 किलोमीटर है, लेकिन हाईवे बनने से 40 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। इतना ही नहीं, तीसा और किलाड़ सड़क बेहद खस्ताहाल और संकरी है जहां हर वर्ष दर्जनों लोग वाहन दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं।
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हाईवे निर्माण होने से किसानों, ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
चंबा से किलाड़ के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलती हैं। आलम यह है कि साच पास के पास चालक को तंग मोड़ आने पर दो से तीन मर्तबा बस को मोड़ना पड़ता है। पांगी घाटी के लिए हाईवे बन जाने से किसानों को फायदा होगा। कबायली क्षेत्र पांगी में मटर की बंपर फसल होती है। वाहनों चालकों को मटर की फसल चंबा ले जाने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा चंबा-तीसा- किलाड़ मार्ग पर दुर्घटनाओं का भी खतरा कम हो जाएगा। वहीं कबायली क्षेत्र पांगी में साच पास सहित मनाली-रोहतांग दर्रा और पीर पंजाल की मनमोहक वादियां हैं। हाईवे बनने से यहां पर बॉलीवुड सितारे भी फिल्मों की शूटिंग के लिए पहुंच सकते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलने के अलावा पर्यटन को भी पंख लग सकते हैं। उधर, एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि शिमला स्थित विभागीय कार्यालय से कंस्टेंसी के लिए टेंडर हुआ है। इसके बारे में विभागीय उच्चाधिकारी ही अधिक बता सकते हैं।
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हवा हवाई रही द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे निर्माण की घोषणा
वर्ष 2016 धर्मशाला में नितिन गडकरी ने की है हाईवे निर्माण की घोषणा
हाईवे निर्माण होने से पांगी की 20 हजार की आबादी को मिलना है लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे की घोषणा हवा-हवाई ही साबित हुई है। हाईवे का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। वर्ष 2016 में नितिन गडकरी ने धर्मशाला में द्रम्मण से किलाड़ के लिए हाईवे का निर्माण करवाने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा 2022 के चुनाव तक घोषणा तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, पर्यटन को बढ़ावा देने, द्रम्मण-चुराह साच पास और किलाड़ पास में दुर्घटनाओं को रोकने की योजना धरी की धरी रह गई है। हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में शुमार चंबा जिले का पांगी नेशनल हाईवे से जुड़ने का कार्य फाइलों से आगे नहीं सरक सका। द्रम्मण से किलाड़ तक 271 किलोमीटर लंबे हाईवे को बनाने की योजना है। इससे पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के लिए भी वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिलेगी। कांगड़ा के द्रम्मण में एनएच 154 से शुरू होकर यह मार्ग सिहुंता होते हुए चुवाड़ी जोत, चंबा, तीसा, साच पास और किलाड़ तक पहुंचाया जाना था। चंबा से आगे यह एनएच बेहद दुर्गम क्षेत्र पीर पंजाल की पहाड़ियों और साच पास दरें से होकर बनाने की योजना थी। चंबा से किलाड़ की दूरी 158 किलोमीटर है, लेकिन हाईवे बनने से 40 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। इतना ही नहीं, तीसा और किलाड़ सड़क बेहद खस्ताहाल और संकरी है जहां हर वर्ष दर्जनों लोग वाहन दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं।
हाईवे निर्माण होने से किसानों, ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
चंबा से किलाड़ के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलती हैं। आलम यह है कि साच पास के पास चालक को तंग मोड़ आने पर दो से तीन मर्तबा बस को मोड़ना पड़ता है। पांगी घाटी के लिए हाईवे बन जाने से किसानों को फायदा होगा। कबायली क्षेत्र पांगी में मटर की बंपर फसल होती है। वाहनों चालकों को मटर की फसल चंबा ले जाने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा चंबा-तीसा- किलाड़ मार्ग पर दुर्घटनाओं का भी खतरा कम हो जाएगा। वहीं कबायली क्षेत्र पांगी में साच पास सहित मनाली-रोहतांग दर्रा और पीर पंजाल की मनमोहक वादियां हैं। हाईवे बनने से यहां पर बॉलीवुड सितारे भी फिल्मों की शूटिंग के लिए पहुंच सकते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलने के अलावा पर्यटन को भी पंख लग सकते हैं। उधर, एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि शिमला स्थित विभागीय कार्यालय से कंस्टेंसी के लिए टेंडर हुआ है। इसके बारे में विभागीय उच्चाधिकारी ही अधिक बता सकते हैं।
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