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Chamba News: खड्डों में बहने वाले नालों के साथ जलस्रोतों में भी घटा पानी
Wed, 17 Jan 2024 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Jan 2024 10:31 PM IST
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चंबा में चुराह के बौदेड़ी में सुखा पड़ा नल।संवाद
चुराह (चंबा)। चुराह उपमंडल में बारिश और बर्फबारी न होने से पानी की कमी शुरू हो गई है। चुराह के अधीन बौंदेड़ी, भंजराड़ू, तीसा-प्रथम, तीसा-द्वितीय समेत अन्य क्षेत्रों में पानी की कमी से लोगों की दुश्वारियां बढ़नी शुरू हो गई हैं।
पहाड़ों से होकर नदी-नालों के जरिये नलों में बहने वाले पानी से पेयजल सप्लाई दी जाती है। बारिश-बर्फबारी न होने के कारण खड्डों और नालों का पानी सूखने लगा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में पानी की कम सप्लाई आ रही है। दूसरी ओर, पेयजल स्रोत भी सूखने लगे हैं। अगर बारिश और बर्फबारी नहीं होती है तो आने वाले समय में निचले इलाकों में गर्मियों में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है।
चुराह क्षेत्र की ऊपरी पहाड़ियां इन दिनों बर्फ से लकदक होती थीं, लेकिन इस साल चुराह की चोटियों में बर्फ नहीं दिख रही है। क्षेत्र में कई महीनों से बारिश तक नहीं हो पाई है। इससे अब ग्रामीणों की दुश्वारियां धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं। समयानुसार बारिश और बर्फबारी न होने से नदी-नालों में भी जलस्तर कम होने लगा है। लोगों के घरों में पेयजल की आपूर्ति भी पहले की अपेक्षा कम हो रही है।
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ग्रामीणों में सुरेंद्र कुमार, प्रकाश चंद, दलीप कुमार, किरपा राम, नरेश कुमार, अमित कुमार, राकेश कुमार और प्रकाश चंद ने बताया कि चुराह उपमंडल के तहत नालों-खड्डों में जलस्तर कम हो रहा है। प्राकृतिक जलस्रोत भी सूखना शुरू हो गए हैं। जल शक्ति विभाग को समय रहते आगामी समय में पेयजल संकट से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर उसके तहत कार्य करना होगा।
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विनय डोगरा ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से जलस्रोतों में पानी की कमी हो गई है। विभाग अपने स्तर पर समस्या का समाधान करने के लिए प्रयासरत है।
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पहाड़ों से होकर नदी-नालों के जरिये नलों में बहने वाले पानी से पेयजल सप्लाई दी जाती है। बारिश-बर्फबारी न होने के कारण खड्डों और नालों का पानी सूखने लगा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में पानी की कम सप्लाई आ रही है। दूसरी ओर, पेयजल स्रोत भी सूखने लगे हैं। अगर बारिश और बर्फबारी नहीं होती है तो आने वाले समय में निचले इलाकों में गर्मियों में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है।
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चुराह क्षेत्र की ऊपरी पहाड़ियां इन दिनों बर्फ से लकदक होती थीं, लेकिन इस साल चुराह की चोटियों में बर्फ नहीं दिख रही है। क्षेत्र में कई महीनों से बारिश तक नहीं हो पाई है। इससे अब ग्रामीणों की दुश्वारियां धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं। समयानुसार बारिश और बर्फबारी न होने से नदी-नालों में भी जलस्तर कम होने लगा है। लोगों के घरों में पेयजल की आपूर्ति भी पहले की अपेक्षा कम हो रही है।
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ग्रामीणों में सुरेंद्र कुमार, प्रकाश चंद, दलीप कुमार, किरपा राम, नरेश कुमार, अमित कुमार, राकेश कुमार और प्रकाश चंद ने बताया कि चुराह उपमंडल के तहत नालों-खड्डों में जलस्तर कम हो रहा है। प्राकृतिक जलस्रोत भी सूखना शुरू हो गए हैं। जल शक्ति विभाग को समय रहते आगामी समय में पेयजल संकट से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर उसके तहत कार्य करना होगा।
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विनय डोगरा ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से जलस्रोतों में पानी की कमी हो गई है। विभाग अपने स्तर पर समस्या का समाधान करने के लिए प्रयासरत है।