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पांगी में चंद्रभागा नदी ने उगले दो और शव
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा
Updated Sun, 20 Dec 2015 07:15 PM IST
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चंद्रभागा नदी में वाहन समेत समाए आठ लोगों की खोज के लिए छेड़े अभियान के तहत रविवार को दो और लोगों के शव मिले हैं। इसके तहत आठ लोगों में से अब तक सात शव मिल चुके हैं। जबकि एक को लापता मान कर प्रशासन और भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड के गोताखोरों ने सर्च अभियान रोक दिया है। इसके चलते लापता सांचा राम के परिजनों ने उसके मिलने की आस भी छोड़ दी है।
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पांगी घाटी स्थित मिंधल माता के दर्शन करके लौट रहे आठ लोग एक बोलेरो गाड़ी में बीते बुधवार को चेरी ढांक से चंद्रभागा नदी में समा गए थे। दुर्घटना वाले दिन तो कोई राहत कार्य नहीं हो पाया लेकिन दूसरे दिन वाहन सरिता देवी का शव मिलने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के गोताखोरों ने सर्च अभियान संभाल लिया था।
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इसी की बदौलत बीते शनिवार को शिरिंग तोमा पुत्र ठाकुर लाल निवासी सेचू, विमला देवी पत्नी सांचा राम निवासी सेचू, भाग सिंह पुत्र राजनाथ निवासी मूरछ और ज्ञान चंद पुत्र बुद्घि सिंह निवासी फिंडरू के शव खोजे गए। जबकि रविवार को चले खोज अभियान में खेम राज पुत्र सूरत राम निवासी मिंधल और सुरिंद्र पुत्र सांचा राम निवासी सेचू के शव चंद्रभागा नदी में दुर्घटनाग्रस्त वाहन से लगभग पंद्रह फुट आगे गहरे पानी में डूबे पाए गए। जबकि काफी तलाश करने के बाद भी अब तक सांचा राम का कोई सुराग नहीं लग पाया है। ऐसा माना जा रहा है कि नदी की गहराई ज्यादा होने से वह बहकर कहीं आगे निकल गया है। फिलहाल प्रशासन ने सांचा राम को लापता मान कर आठ लोगों में से सात के शव खोजने के बाद सर्च अभियान को बंद कर दिया है।
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प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करेगा प्रशासन : आरसी
आवासीय आयुक्त पांगी इंद्र भारद्वाज ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि प्रभावित परिवारों की प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता की जाएगी। जबकि सांचा राम को खोजने के लिए गोताखोर दल ने कोई कसर नहीं रखी। तकनीकी रूप से ऐसा माना जा रहा है कि सांचा राम चंद्रभागा नदी के बहाव के साथ आगे बह कर निकल गया है।