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फुल यात्रा के दूसरे दिन पांगी की संस्कृति की बिखेरी छटा
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चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी में फुल यात्रा के दूसरे दिन स्थानीय युवक और महिला मंडलों ने पारंपरिक परिधानों में संस्कृति की झलक पेश की। कला मंच पर पांगी घाटी की संस्कृति को गीत और नृत्य के जरिये लोगों के समक्ष पेश किया। इसे देख दर्शक काफी आनंदित हुए। कुछ दर्शक पांगी घाटी के बाहर से भी आए थे, जो यहां की संस्कृति को देख काफी आनंदित हुए।
फुल यात्रा को पांगी घाटी के लोग शरद ऋतु के आगमन पर मनाते हैं। यात्रा की शुरुआत क्यास गांव में विशेष पूजा अर्चना के साथ होती है। रविवार को किलाड़ स्थित नाग मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने वहां पंगवाली नृत्य किया।
इसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। घाटी के लोगों का मानना है कि उनके पूर्वज सर्दियों का आगमन इसी यात्रा के साथ करते हैं। तीन दिन तक फुल यात्रा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। लोग देवी देवताओं की पूजा अर्चना करके सर्दियों में खुशहाली और स्मृद्धि बनाए रखने की अरदास लगाते हैं। सोमवार को इस यात्रा का समापन होगा।
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फुल यात्रा को पांगी घाटी के लोग शरद ऋतु के आगमन पर मनाते हैं। यात्रा की शुरुआत क्यास गांव में विशेष पूजा अर्चना के साथ होती है। रविवार को किलाड़ स्थित नाग मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने वहां पंगवाली नृत्य किया।
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इसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। घाटी के लोगों का मानना है कि उनके पूर्वज सर्दियों का आगमन इसी यात्रा के साथ करते हैं। तीन दिन तक फुल यात्रा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। लोग देवी देवताओं की पूजा अर्चना करके सर्दियों में खुशहाली और स्मृद्धि बनाए रखने की अरदास लगाते हैं। सोमवार को इस यात्रा का समापन होगा।
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