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सूखे और ओलावृष्टि से सेब की 95 फीसदी फसल बरबाद
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होली में सेब बगीचे में ओलावृष्टि से गिरे फूल।
- फोटो : Chamba
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सूखे और ओलावृष्टि से सेब की 95 फीसदी फसल बरबाद
जिले में 1600 मीट्रिक टन फलों को नुकसान
तीसा ब्लॉक में सबसे अधिक बरपा कहर
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। जिले में सूखे और ओलावृष्टि से बागवानी को काफी नुकसान पहुंचा है।
सर्दी में भारी बारिश और बर्फबारी से फलदार पेड़ों सेब, प्लम, खुमानी और आम में समय पर फूल अंकुरित होने से बागवानों को बंपर फसल की उम्मीद बंधी थी लेकिन ओलावृष्टि और सूखे ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिले में 1600 मीट्रिक टन फलों को नुकसान पहुंचा है। तीसा ब्लॉक में सबसे अधिक 14 मीट्रिक टन फल बरबाद हो गए हैं। बागवानी विभाग ने नुकसान संबंधी रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय भेज दी है।
गौरतलब है कि जिले के भरमौर, चुराह, साहो, सिल्लाघ्राट, तीसा, भटियात, मैहला और होली में फलदार पौधों से बागवान अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं लेकिन मौसम की मार से बागवानों को इस बार तगड़ा झटका लगा है। बागवानी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सूखे से 963 मीट्रिक टन और ओलावृष्टि से 37 मीट्रिक टन फलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि विभाग इस वित्त वर्ष में 19 हजार मीट्रिक टन फल उत्पादन का लक्ष्य लेकर चला है। 95 प्रतिशत सेब की फसल को ही नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा प्लम, खुमानी और आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजीव चंद्रा ने यह जानकारी दी है।
इनसेट
किस ब्लॉक में कितना नुक्सान
ब्लॉक मीट्रिक टन नुकसान
तीसा 14 मीट्रिक टन
मैहला 10.05 मीट्रिक टन
चंबा 07.25 मीट्रिक टन
सलूणी 05. 05 मीट्रिक टन
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जिले में 1600 मीट्रिक टन फलों को नुकसान
तीसा ब्लॉक में सबसे अधिक बरपा कहर
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। जिले में सूखे और ओलावृष्टि से बागवानी को काफी नुकसान पहुंचा है।
सर्दी में भारी बारिश और बर्फबारी से फलदार पेड़ों सेब, प्लम, खुमानी और आम में समय पर फूल अंकुरित होने से बागवानों को बंपर फसल की उम्मीद बंधी थी लेकिन ओलावृष्टि और सूखे ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिले में 1600 मीट्रिक टन फलों को नुकसान पहुंचा है। तीसा ब्लॉक में सबसे अधिक 14 मीट्रिक टन फल बरबाद हो गए हैं। बागवानी विभाग ने नुकसान संबंधी रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय भेज दी है।
गौरतलब है कि जिले के भरमौर, चुराह, साहो, सिल्लाघ्राट, तीसा, भटियात, मैहला और होली में फलदार पौधों से बागवान अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं लेकिन मौसम की मार से बागवानों को इस बार तगड़ा झटका लगा है। बागवानी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सूखे से 963 मीट्रिक टन और ओलावृष्टि से 37 मीट्रिक टन फलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि विभाग इस वित्त वर्ष में 19 हजार मीट्रिक टन फल उत्पादन का लक्ष्य लेकर चला है। 95 प्रतिशत सेब की फसल को ही नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा प्लम, खुमानी और आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजीव चंद्रा ने यह जानकारी दी है।
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इनसेट
किस ब्लॉक में कितना नुक्सान
ब्लॉक मीट्रिक टन नुकसान
तीसा 14 मीट्रिक टन
मैहला 10.05 मीट्रिक टन
चंबा 07.25 मीट्रिक टन
सलूणी 05. 05 मीट्रिक टन