{"_id":"5c643f22bdec227391007775","slug":"91550073634-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 घंटे बर्फ में पैदल चलकर पांगी पहुंचे चार लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 घंटे बर्फ में पैदल चलकर पांगी पहुंचे चार लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। गलाहार नाले में भारी बर्फबारी के बीच सात दिन से फंसे छह लोगों में से चार लोग सुरक्षित पांगी पहुंच गए हैं। जबकि, दो लोग पत्थरनाकी नामक स्थान पर होटल में ठहर गए हैं। सात दिन तक अत्यधिक बर्फ में रहने के बाद इन लोगों ने आगे का सफर तय करने में असमर्थता जताई।
गौरतलब है कि डॉक्टर राम कमल निवासी हुडान, बिट्टू ठाकुर निवासी करयास, सन्नी निवासी करयास व पुनीत निवासी करेल अपने दो अन्य साथियों के साथ आठ दिन पहले शिमला से बोलेरो गाड़ी में सवार होकर पांगी के लिए रवाना हुए थे लेकिन गलाहार नाले में भारी बर्फबारी में फंस गए। यहां पर उन्होंने सात दिन काटे। मंगलवार को गलाहार से गुलाबगढ़ जा रहे आर्मी के जवानों ने उन्हें देखा और अपने साथ गुलाबगढ़ पहुंचाया। दो लोग पत्थरनाकी नामक जगह पर ही ठहर गए। क्योंकि वे बर्फ में नहीं चल पा रहे थे। पत्थर नाकी में रहने और खाने के लिए होटल की व्यवस्था है, जबकि चार लोग गुलाबगढ़ से पांगी के लिए पैदल ही रवाना हो गए जो 15 घंटे लगातार बर्फ में पैदल चलते रहे। 15 घंटे बर्फ में पैदल चलने के बाद वे किलाड़ मुख्यालय पहुंचे। सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बर्फ में पैदल चलने से उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं, जिनका उपचार किलाड़ अस्पताल में करवाया गया।
एसडीएम पांगी विश्रुत भारती ने बताया कि बर्फबारी को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। इसको लेकर प्रशासन की ओर से सभी पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत करवा दिया गया था। लेकिन उपरोक्त लोग शिमला से बिना जानकारी लिए पांगी को निकल आए। इससे वे बीच रास्ते में फंस गए। उन्होंने कहा कि सभी लोग सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा। गलाहार नाले में भारी बर्फबारी के बीच सात दिन से फंसे छह लोगों में से चार लोग सुरक्षित पांगी पहुंच गए हैं। जबकि, दो लोग पत्थरनाकी नामक स्थान पर होटल में ठहर गए हैं। सात दिन तक अत्यधिक बर्फ में रहने के बाद इन लोगों ने आगे का सफर तय करने में असमर्थता जताई।
गौरतलब है कि डॉक्टर राम कमल निवासी हुडान, बिट्टू ठाकुर निवासी करयास, सन्नी निवासी करयास व पुनीत निवासी करेल अपने दो अन्य साथियों के साथ आठ दिन पहले शिमला से बोलेरो गाड़ी में सवार होकर पांगी के लिए रवाना हुए थे लेकिन गलाहार नाले में भारी बर्फबारी में फंस गए। यहां पर उन्होंने सात दिन काटे। मंगलवार को गलाहार से गुलाबगढ़ जा रहे आर्मी के जवानों ने उन्हें देखा और अपने साथ गुलाबगढ़ पहुंचाया। दो लोग पत्थरनाकी नामक जगह पर ही ठहर गए। क्योंकि वे बर्फ में नहीं चल पा रहे थे। पत्थर नाकी में रहने और खाने के लिए होटल की व्यवस्था है, जबकि चार लोग गुलाबगढ़ से पांगी के लिए पैदल ही रवाना हो गए जो 15 घंटे लगातार बर्फ में पैदल चलते रहे। 15 घंटे बर्फ में पैदल चलने के बाद वे किलाड़ मुख्यालय पहुंचे। सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बर्फ में पैदल चलने से उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं, जिनका उपचार किलाड़ अस्पताल में करवाया गया।
विज्ञापन
एसडीएम पांगी विश्रुत भारती ने बताया कि बर्फबारी को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। इसको लेकर प्रशासन की ओर से सभी पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत करवा दिया गया था। लेकिन उपरोक्त लोग शिमला से बिना जानकारी लिए पांगी को निकल आए। इससे वे बीच रास्ते में फंस गए। उन्होंने कहा कि सभी लोग सुरक्षित हैं।
विज्ञापन