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Chamba News: बगीचों में सिंचाई प्रणाली स्थापित करने पर मिलेगा 90 प्रतिशत अनुदान
Mon, 16 Feb 2026 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:08 PM IST
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सलूणी (चंबा)। सलूणी क्षेत्र के बागवानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत अब बागवान अपने बगीचों में बूंद-बूंद (ड्रिप) सिंचाई प्रणाली मात्र 10 प्रतिशत अंशदान पर स्थापित कर सकते हैं। योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदान विभाग के माध्यम से प्रदान किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के साथ उत्पादन लागत में भी भारी कमी आएगी।
उद्यान विकास अधिकारी सलूणी मंथन जरयाल ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पहले सरकार द्वारा पंजीकृत कंपनी बगीचों का सर्वेक्षण करेगी। इसके बाद विभाग के प्रसार अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर पौधों की गिनती और अन्य औपचारिकताएं पूरी करेंगे। प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रस्ताव विभाग को भेजा जाएगा और स्वीकृति के बाद अनुदान जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के कार्यालय सलूणी में सेब के करीब 2200 उन्नत किस्मों के पौधे पहुंचे हैं। इनमें से 450 पौधे पहले ही बिक चुके हैं, जबकि शेष पौधे अभी उपलब्ध हैं। विभाग ने बागवानों से जल्द संपर्क कर पौधे प्राप्त करने का आग्रह किया है। उपलब्ध प्रजातियों में रेड ब्लॉक, टीएक्स गाला, जेरोमाइन, किंग रोट सहित अन्य उच्च गुणवत्ता वाली किस्में शामिल हैं। प्रत्येक पौधा 180 रुपये की दर से उपलब्ध है। ये पौधे रोपण के लगभग तीन वर्ष बाद चौथे वर्ष से फल देना शुरू कर देते हैं।
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उद्यान विकास अधिकारी सलूणी मंथन जरयाल ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पहले सरकार द्वारा पंजीकृत कंपनी बगीचों का सर्वेक्षण करेगी। इसके बाद विभाग के प्रसार अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर पौधों की गिनती और अन्य औपचारिकताएं पूरी करेंगे। प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रस्ताव विभाग को भेजा जाएगा और स्वीकृति के बाद अनुदान जारी किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के कार्यालय सलूणी में सेब के करीब 2200 उन्नत किस्मों के पौधे पहुंचे हैं। इनमें से 450 पौधे पहले ही बिक चुके हैं, जबकि शेष पौधे अभी उपलब्ध हैं। विभाग ने बागवानों से जल्द संपर्क कर पौधे प्राप्त करने का आग्रह किया है। उपलब्ध प्रजातियों में रेड ब्लॉक, टीएक्स गाला, जेरोमाइन, किंग रोट सहित अन्य उच्च गुणवत्ता वाली किस्में शामिल हैं। प्रत्येक पौधा 180 रुपये की दर से उपलब्ध है। ये पौधे रोपण के लगभग तीन वर्ष बाद चौथे वर्ष से फल देना शुरू कर देते हैं।
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