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भू जलस्तर मापने का यंत्र लगाने पर एबीवीपी का हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा कॉलेज में पीजोमीटर उपकरण लगाने के मामले में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। यहां तक कि संगठन के कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण काम को रोक दिया गया। यह कार्य हाइड्रोलॉजी विभाग की ओर से करवाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया है कि जहां यह उपकरण लगाया जा रहा है, उसी के साथ सेप्टिक टैंक भी है। इसके चलते कार्य को बंद करवाया गया। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने भी कार्यकर्ताओं से बात की लेकिन कार्यकर्ता किसी भी सूरत में नहीं माने। ऐसे में मौके पर पहुंची विभागीय टीम ने काम रोक दिया।
जानकारी के मुताबिक हाइड्रोलॉजी विभाग की ओर से जिले में तीन जगह पीजोमीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए जगहों का चयन किया गया है। इसमें चंबा कॉलेज, आईपीएच उपमंडल उदयपुर और सिहुंता को चुना गया है। कार्य की शुरुआत चंबा कॉलेज से की गई। जैसे ही कॉलेज में मशीन पहुंची और कार्य शुरू हुआ तो एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। इसी बीच विभागीय कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा हुुई लेकिन, एबीवीपी कार्यकर्ता किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं थे। मजबूरन विभाग की ओर से इस कार्य को रोक दिया गया।
क्या है पीजोमीटर उपकरण
पीजोमीटर के जरिये भूगर्भ जल के स्तर को मापा जाता है। इसके लिए 40 से 60 मीटर तक की गहराई की छह इंच मोटी बोरिंग कर पाइप डाला जाता है। रीडिंग लेने से पहले पीजोमीटर की कैप खोली जाती है। इसके इंची टेप में एक शंक्वाकार भार बांध कर बोरिंग में छोड़ा जाता है जल का स्तर मिल जाने की एक आवाज सुनाई देती है। इस तरह भूगर्भ का जल स्तर मापा जाता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि भू गर्भ जल कितना बढ़ा है और कितना कम हुआ है।
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चंबा कॉलेज के उप प्रधानाचार्य राकेश राठौर ने बताया कि उपकरण लगाने को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। विभाग की ओर से काम बंद कर दिया है।
हाइड्रोलॉजिकल उपमंडल नूरपुर के सहायक अभियंता ओम स्वरूप परदेसी ने बताया कि चंबा में जहां ये उपकरण लगाए जाएंगे, वहां चंबा कॉलेज में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में बात की जा रही है।
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चंबा। चंबा कॉलेज में पीजोमीटर उपकरण लगाने के मामले में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। यहां तक कि संगठन के कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण काम को रोक दिया गया। यह कार्य हाइड्रोलॉजी विभाग की ओर से करवाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया है कि जहां यह उपकरण लगाया जा रहा है, उसी के साथ सेप्टिक टैंक भी है। इसके चलते कार्य को बंद करवाया गया। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने भी कार्यकर्ताओं से बात की लेकिन कार्यकर्ता किसी भी सूरत में नहीं माने। ऐसे में मौके पर पहुंची विभागीय टीम ने काम रोक दिया।
जानकारी के मुताबिक हाइड्रोलॉजी विभाग की ओर से जिले में तीन जगह पीजोमीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए जगहों का चयन किया गया है। इसमें चंबा कॉलेज, आईपीएच उपमंडल उदयपुर और सिहुंता को चुना गया है। कार्य की शुरुआत चंबा कॉलेज से की गई। जैसे ही कॉलेज में मशीन पहुंची और कार्य शुरू हुआ तो एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। इसी बीच विभागीय कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा हुुई लेकिन, एबीवीपी कार्यकर्ता किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं थे। मजबूरन विभाग की ओर से इस कार्य को रोक दिया गया।
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क्या है पीजोमीटर उपकरण
पीजोमीटर के जरिये भूगर्भ जल के स्तर को मापा जाता है। इसके लिए 40 से 60 मीटर तक की गहराई की छह इंच मोटी बोरिंग कर पाइप डाला जाता है। रीडिंग लेने से पहले पीजोमीटर की कैप खोली जाती है। इसके इंची टेप में एक शंक्वाकार भार बांध कर बोरिंग में छोड़ा जाता है जल का स्तर मिल जाने की एक आवाज सुनाई देती है। इस तरह भूगर्भ का जल स्तर मापा जाता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि भू गर्भ जल कितना बढ़ा है और कितना कम हुआ है।
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चंबा कॉलेज के उप प्रधानाचार्य राकेश राठौर ने बताया कि उपकरण लगाने को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। विभाग की ओर से काम बंद कर दिया है।
हाइड्रोलॉजिकल उपमंडल नूरपुर के सहायक अभियंता ओम स्वरूप परदेसी ने बताया कि चंबा में जहां ये उपकरण लगाए जाएंगे, वहां चंबा कॉलेज में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में बात की जा रही है।