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जिला काडर पर जेबीटी के स्टेट कैडर की काउंसलिंग का विरोध
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:30 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। प्रदेेश सरकार जिला स्तर की जेबीटी भर्ती नियमों को दरकिनार कर स्टेट कैडर पर कर रही है और इन्हें जिला स्तर पर नौकरी दे रही है। यह जेबीटी बेरोजगारों के साथ अन्याय है। जेबीटी बेरोजगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा व उपाध्यक्ष राकेश ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जेबीटी का कैडर जिला स्तर का होता है। इसमें जिले से संबंधित अभ्यर्थी ही जिले में जेबीटी अध्यापक होता है। ताकि स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों को स्थानीय बोली के माध्यम से सिखाया जा सके। इसी तरह जिला स्तर पर ही जेबीटी अध्यापक की पदोन्नति की जाती है।
कुछ बेेरोजगार जेबीटी अपने स्वार्थ के लिए प्रशासनिक ट्रिब्यूनल चले गए हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगार जेबीटी पिछले नौ वर्षों से नौकरी की आस लगाए बैठे हैं। उनके साथ इस फैसले से अन्याय हुआ है। आर्थिक स्थिति से कमजोर होते हुए कोर्ट का दरवाजा नही खटखटा पाते हैं। जेबीटी, भाषा अध्यापक, शास्त्री और कला अध्यापक सभी वर्गों के भर्ती और पदोन्नति नियम जिला स्तर के हैं। इनकी पदोन्नतियां भी जिला स्तर पर होती है। जेबीटी बेरोजगारों को वर्ष 2014 और 2016 में जिला स्तर पर नियुक्त किया गया। मगर उसी बैच के शेष बचे हुए जेबीटी बेरोजगारों को स्टेट कैडर की शर्त थोपना उनके साथ अन्याय है।
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