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प्रीणा पंचायत के 12 गांव के बाशिंदों को नहीं मिल रहा 10
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:12 PM IST
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प्रीणा की12 गांवों के बाशिंदें 108 एंबुलेंस सुविधा से महरूम
16 साल पहले बनीं सड़क से नहीं गुजर पाता एंबुलेंस वाहन, पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाते हैं मरीज
क्षेत्र की दो हजार की आबादी को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। ग्राम पंचायत प्रीणा के 12 गांव आज भी 108 एंबुलेंस सुविधा से महरूम है। हैरानी इस बात की है कि इन गांवों के लिए 16 साल पहले बनीं सड़क आज भी एंबुलेंस गुजरने के लिए उपयुक्त नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को मरीजों को पालकी और पीठ पर उठाकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। प्रशासन की अनदेखी के कारण ग्राम पंचायत प्रीणा के चढैला, झीकड़, खान्ना, प्रीणा, अंगारी, पलम, मारूआ और चलैहई गांवों में बांशिदें 108 एंबुलेंस सुविधा से महरूम हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने से यहां एंबुलेंस वाहन नहीं पहुंच पाता है। इस वजह से क्षेत्र में किसी के बीमार होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतें पेश आती हैं। हालांकि, 2003 में सड़क को बनाने कार्य शुरू हुआ था। इसमें करीब चार किलोमीटर जीप योग्य सड़क बनी भी। मगर इस मार्ग की दशा दयनीय हो चुकी है। 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक सड़क को चौड़ा करने की मांग पर किसी सरकार और विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में आज भी क्षेत्र में यदि कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे पीठ पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। नतीजतन, कई मर्तबा तो मरीज अस्पताल पहुचने से पहले दम तोड़ देते हैं। ग्रामीण चमन लाल, चैन लाल, विनोद कुमार, समीर, रिझू राम, अमरू राम, हेम सिंह, पुन्नू राम, पृथो राम, सोनू कुमार और मनसा राम ने बताया कि प्रीणा पंचायत के गांव चढैला, झीकड़, खान्ना, प्रीणा, अंगारी, पलम, मारूआ, चलैहई में दो हजार की आबादी सड़क होने के बाद भी 108 जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। लोनिवि के सहायक अभियंता ठाकुर सिंह ने बताया कि सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। जैसे ही पैसा स्वीकृत होगा सड़क निर्माण का कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ठाकुर सिंह ने कहा कि सड़क को चौड़ा करने की डीपीआर तैयार की जा रही है। बजट स्वीकृत होते ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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16 साल पहले बनीं सड़क से नहीं गुजर पाता एंबुलेंस वाहन, पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाते हैं मरीज
क्षेत्र की दो हजार की आबादी को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। ग्राम पंचायत प्रीणा के 12 गांव आज भी 108 एंबुलेंस सुविधा से महरूम है। हैरानी इस बात की है कि इन गांवों के लिए 16 साल पहले बनीं सड़क आज भी एंबुलेंस गुजरने के लिए उपयुक्त नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को मरीजों को पालकी और पीठ पर उठाकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। प्रशासन की अनदेखी के कारण ग्राम पंचायत प्रीणा के चढैला, झीकड़, खान्ना, प्रीणा, अंगारी, पलम, मारूआ और चलैहई गांवों में बांशिदें 108 एंबुलेंस सुविधा से महरूम हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने से यहां एंबुलेंस वाहन नहीं पहुंच पाता है। इस वजह से क्षेत्र में किसी के बीमार होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतें पेश आती हैं। हालांकि, 2003 में सड़क को बनाने कार्य शुरू हुआ था। इसमें करीब चार किलोमीटर जीप योग्य सड़क बनी भी। मगर इस मार्ग की दशा दयनीय हो चुकी है। 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक सड़क को चौड़ा करने की मांग पर किसी सरकार और विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में आज भी क्षेत्र में यदि कोई बीमार पड़ जाता है तो उसे पीठ पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। नतीजतन, कई मर्तबा तो मरीज अस्पताल पहुचने से पहले दम तोड़ देते हैं। ग्रामीण चमन लाल, चैन लाल, विनोद कुमार, समीर, रिझू राम, अमरू राम, हेम सिंह, पुन्नू राम, पृथो राम, सोनू कुमार और मनसा राम ने बताया कि प्रीणा पंचायत के गांव चढैला, झीकड़, खान्ना, प्रीणा, अंगारी, पलम, मारूआ, चलैहई में दो हजार की आबादी सड़क होने के बाद भी 108 जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। लोनिवि के सहायक अभियंता ठाकुर सिंह ने बताया कि सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। जैसे ही पैसा स्वीकृत होगा सड़क निर्माण का कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ठाकुर सिंह ने कहा कि सड़क को चौड़ा करने की डीपीआर तैयार की जा रही है। बजट स्वीकृत होते ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।