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रोहड़ू जाना मेरी आमिए... पर झूमे
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांगी (चंबा)।
पांगी में फूलयात्रा की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल के कलाकारों ने धमाल मचाया। कलाकारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। सांस्कृतिक संध्या में जीवन साच और बीरबल मुसाफिर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। कलाकारों ने हिमाचली गीत गाकर उपस्थित दर्शकों को खूब नचाया। जीवन साच ने नीरू चाली घूमदी, शालू रे क्वाटरे लगी रोनका, कुल्लू मनाली लगा मेना, रोहड़ू जाना मेरी आमिए सहित अन्य गीत गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति को खूब सराहा लोकल कलाकारों ने अपनी संस्कृति की पेशकश देते हुए पारंपरिक परिधानों में लोक नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक संध्या में आरसी पांगी रोहित राठौर ने लोगों को चुनाव में इस्तेमाल होने वाली वीवीपैट मशीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मशीन के जरिए वोट डालने की विधि बताई। उन्होंने लोगों को अपने मत का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। फूलयात्रा मेला प्रदेश में एकमात्र ऐसा मेला है, जिसके आयोजन के लिए सरकार व प्रशासन द्वारा कोई फंड नहीं दिया जाता। स्थानीय लोग चंदा इकट्ठा करके मेले का आयोजन करते हैं।
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पांगी (चंबा)।
पांगी में फूलयात्रा की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल के कलाकारों ने धमाल मचाया। कलाकारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। सांस्कृतिक संध्या में जीवन साच और बीरबल मुसाफिर ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। कलाकारों ने हिमाचली गीत गाकर उपस्थित दर्शकों को खूब नचाया। जीवन साच ने नीरू चाली घूमदी, शालू रे क्वाटरे लगी रोनका, कुल्लू मनाली लगा मेना, रोहड़ू जाना मेरी आमिए सहित अन्य गीत गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति को खूब सराहा लोकल कलाकारों ने अपनी संस्कृति की पेशकश देते हुए पारंपरिक परिधानों में लोक नृत्य प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक संध्या में आरसी पांगी रोहित राठौर ने लोगों को चुनाव में इस्तेमाल होने वाली वीवीपैट मशीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मशीन के जरिए वोट डालने की विधि बताई। उन्होंने लोगों को अपने मत का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। फूलयात्रा मेला प्रदेश में एकमात्र ऐसा मेला है, जिसके आयोजन के लिए सरकार व प्रशासन द्वारा कोई फंड नहीं दिया जाता। स्थानीय लोग चंदा इकट्ठा करके मेले का आयोजन करते हैं।
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