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विकास खंड सलूणी के स्वास्थ्य संस्थानों में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Fri, 07 Dec 2018 09:55 PM IST
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सलूणी ब्लॉक में चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में छह माह से कोई भी डॉक्टर नहीं
दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर की कमी से पेरशान हो रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा चुकी हैं। तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छह माह से बिना डॉक्टर के चल रहे हैं, जबकि दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की भारी कमी चल रही है। इसे दूर करने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसकी वजह से क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दर बदर भटकने को मजबूर हैं।
मरीजों को बीमारी का उपचार करवाने सहित जरूरी टेस्ट करवाने को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्योंकि सलूणी में संचालित ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के कोई भी जरूरी टेस्ट नहीं होते, जो कि उनके लिए परेशानी बनता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तुंगाला, डंडी और सालवां में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं है। इसकी वजह से इलाके के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलूणी में डॉक्टरों के चार पद स्वीकृत हैं। इसमें दो पद खाली पड़े हैं। इस कारण मरीज परेशान हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किहार में डॉक्टरों के सात पद स्वीकृत हैं। लेकिन सरकार ने अभी तक दो पद ही भरे हैं। पांच पद अभी तक खाली पड़े हैं। डॉक्टरों के अलावा स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोग्राफर के पद भी खाली पड़े हैं। इस कारण मरीजों को अपने जरूरी टेस्ट करवाने को चंबा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि सरकार घर द्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दावे जरूर करती है, लेकिन असलियत में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल काफी बुरा है। स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों का पूरा इलाज नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।
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बीएमओ डॉक्टर मनोज ठाकुर ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के बारे में विभाग के उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया है। नए डॉक्टरों की भर्ती होने पर स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी।
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तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में छह माह से कोई भी डॉक्टर नहीं
दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर की कमी से पेरशान हो रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा चुकी हैं। तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छह माह से बिना डॉक्टर के चल रहे हैं, जबकि दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की भारी कमी चल रही है। इसे दूर करने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसकी वजह से क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दर बदर भटकने को मजबूर हैं।
मरीजों को बीमारी का उपचार करवाने सहित जरूरी टेस्ट करवाने को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। क्योंकि सलूणी में संचालित ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के कोई भी जरूरी टेस्ट नहीं होते, जो कि उनके लिए परेशानी बनता जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तुंगाला, डंडी और सालवां में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं है। इसकी वजह से इलाके के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलूणी में डॉक्टरों के चार पद स्वीकृत हैं। इसमें दो पद खाली पड़े हैं। इस कारण मरीज परेशान हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किहार में डॉक्टरों के सात पद स्वीकृत हैं। लेकिन सरकार ने अभी तक दो पद ही भरे हैं। पांच पद अभी तक खाली पड़े हैं। डॉक्टरों के अलावा स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोग्राफर के पद भी खाली पड़े हैं। इस कारण मरीजों को अपने जरूरी टेस्ट करवाने को चंबा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि सरकार घर द्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दावे जरूर करती है, लेकिन असलियत में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल काफी बुरा है। स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों का पूरा इलाज नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।
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बीएमओ डॉक्टर मनोज ठाकुर ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के बारे में विभाग के उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया है। नए डॉक्टरों की भर्ती होने पर स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी।