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चंद्रशेखर मंदिर साहो में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:37 PM IST
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MAHASHIVRATRI
- फोटो : demo pics
अमर उजाला ब्यूरो
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साहो (चंबा)। साहो चंद्रशेखर मंदिर में शिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। चंद्रशेखर मंदिर में विराजमान शिवलिंग एशिया में दूसरा सबसे बड़ा शिव लिंग है। इसके दर्शन करने के लिए भक्त दूरदराज के क्षेत्रों से मंदिर में पहुंचते हैं। मंदिर में शिवरात्रि पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष शिवरात्रि पर्व पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने चंद्रशेखर मंदिर में शीश नवाया। मंदिर में सुबह से लेकर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे। सुबह पांच से नौ बजे तक पंडितों ने विशेष पूजा की गई। इसके बाद प्रकाशो एंड पार्टी ने मंदिर में भजन-कीर्तन किया गया। उन्होंने शिव भजनों से पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया। दोपहर 11 बजे मंदिर कमेटी ने ध्वजा रोहण किया। इसके बाद महिला मंडल लघैई ने शिव भजनों से सारे कस्बे को भक्ति रस में भर दिया। पूजा अर्चना का दौर मंदिर में दिन भर चलता रहा। दोपहर बाद मंदिर में हवन-यज्ञ करवाया गया। इसमें पीसीसी सचिव नीरज नैयर ने सपरिवार सहित यज्ञ में पूर्णा-आहुति डाली। इस दौरान मंदिर कमेटी ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। इसके अलावा क्षेत्र के कई परिवारों ने हवन में पूर्णाहुति दी।
मंदिर में श्रद्धालु चढ़ाते हैं फसल का हिस्सा
शिवरात्रि पर्व पर विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोग फसल का एक हिस्सा चंद्रशेखर मंदिर में दान करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सदियों से इस परंपरा को निभा रहे हैं। ग्रामीण अपने खेतों में तैयार होने वाली मक्की, माश की दाल, ऊन और पैसे मंदिर में अर्पित करते हैं। लोगों की मान्यता है कि ऐसा करने से भविष्य में उनकी फसल की पैदावार में दोगुनी बढ़ोत्तरी होती है। इस मान्यता के चलते लोग अपनी फसल के तैयार होने पर एक हिस्सा मंदिर में चढ़ाने के लिए पहले ही रख लेते हैं।
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