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नव वर्ष की सुबह मिला कभी न भरने वाला जख्म
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:06 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नेक सिंह ठाकुर
साहो (चंबा)। नव वर्ष की सुबह ग्राम पंचायत बरौर के अंदरालू गांव में सुखी समृद्ध परिवार की खुशियां पल भर में ही छिन गई। सोमवार सुबह हुए अग्निकांड ने तीन परिवारों के मकान में आग लग गई। इस अग्निकांड ने तीनों परिवारों को रोजगार के साधन से भी विमुख कर दिया है। दुकान और मकान से उठने वाली आग की लपटों ने प्रभावितों के जीवन भर की जमा पूंजी पल भर में खाक में तब्दील कर दी। हालांकि ग्रामीणों की एकता ने मकान में लगी आग को बुझाने का भरसक प्रयास किया। मगर आग ज्यादा फैलने की वजह से आग पर काबू पाने में ग्रामीणों को काफी समय लग गया। बता दें कि एक तरफ जहां जिला में लोग एक दूसरे को नववर्ष की मुबारकबाद दे रहे थे, तो वहीं, दूसरी और कड़ाके की ठंड में लोग तीन परिवारों के आशियानें को बचाने में जुटे हुए थे। हालांकि प्रशासन की ओर से दस हजार रुपये फौरी राहत के तौर पर दिए है। मगर जीवन भर की जमा पूंजी आग में जलने से परिवार आहत है। इसके साथ ही परिवारों का लालन पोषण करने के लिए कामकाज की चिंता भी सता रही है।
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साहो (चंबा)। नव वर्ष की सुबह ग्राम पंचायत बरौर के अंदरालू गांव में सुखी समृद्ध परिवार की खुशियां पल भर में ही छिन गई। सोमवार सुबह हुए अग्निकांड ने तीन परिवारों के मकान में आग लग गई। इस अग्निकांड ने तीनों परिवारों को रोजगार के साधन से भी विमुख कर दिया है। दुकान और मकान से उठने वाली आग की लपटों ने प्रभावितों के जीवन भर की जमा पूंजी पल भर में खाक में तब्दील कर दी। हालांकि ग्रामीणों की एकता ने मकान में लगी आग को बुझाने का भरसक प्रयास किया। मगर आग ज्यादा फैलने की वजह से आग पर काबू पाने में ग्रामीणों को काफी समय लग गया। बता दें कि एक तरफ जहां जिला में लोग एक दूसरे को नववर्ष की मुबारकबाद दे रहे थे, तो वहीं, दूसरी और कड़ाके की ठंड में लोग तीन परिवारों के आशियानें को बचाने में जुटे हुए थे। हालांकि प्रशासन की ओर से दस हजार रुपये फौरी राहत के तौर पर दिए है। मगर जीवन भर की जमा पूंजी आग में जलने से परिवार आहत है। इसके साथ ही परिवारों का लालन पोषण करने के लिए कामकाज की चिंता भी सता रही है।