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खेत में मटर बिजाई कर रहे व्यक्ति को मिली गुच्छी
Updated Mon, 04 Dec 2017 09:33 PM IST
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भरमौर की उलांसा पंचायत
में किसान को मिली गुच्छी
मार्च, अप्रैल में मिलने वाली गुच्छी के दिसंबर में मिलने से हैरानी
रणजीत शर्मा
भरमौर (चंबा)।
कबायली क्षेत्र भरमौर की उलांसा पंचायत में गुच्छी मिलने से सभी को अचरज में डाल दिया है। दिसंबर में कड़ाके की ठंड में गुच्छी का मिलना ग्रामीण किसी अचंभे से कम नहीं मान रहे हैं। ग्रामीण गुच्छी का मिलना शुभ संकेत मान रहे हैं। कुछ ग्रामीण इसे प्रकृति के नियमों में बदलाव की संज्ञा भी दे रहे हैं। उलांसा पंचायत के निवासी जोगिंद्र सिंह को खेतों में मटर की बिजाई करने के दौरान गुच्छी मिली है। उन्होंने घर आकर परिवार और ग्रामीणों को खेत में गुच्छी मिलने की बात कही। दिसंबर माह में खेत में गुच्छी के मिलने की बात पंचायत में जंगल की आग की तरह फैल गई। गुच्छी मिलने का समय मार्च और अप्रैल महीना होता है। उन दिनों क्षेत्र में ठंड का प्रकोप कम हो जाता है। ऐसे में अब उलांसा में दिसंबर में मिलने वाली गुच्छी को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं।
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दिसंबर में गुच्छी का मिलना अचरज की बात: डॉ. ईश्वर दास ठाकुर
कृषि विभाग के विषयवस्तुु विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर दास ठाकुर का कहना है कि अक्सर गुच्छी मार्च और अप्रैल माह में मिलती है। ऐसे में अब दिसंबर माह में गुच्छी का मिलना बड़ी अचरज की बात है।
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में किसान को मिली गुच्छी
मार्च, अप्रैल में मिलने वाली गुच्छी के दिसंबर में मिलने से हैरानी
रणजीत शर्मा
भरमौर (चंबा)।
कबायली क्षेत्र भरमौर की उलांसा पंचायत में गुच्छी मिलने से सभी को अचरज में डाल दिया है। दिसंबर में कड़ाके की ठंड में गुच्छी का मिलना ग्रामीण किसी अचंभे से कम नहीं मान रहे हैं। ग्रामीण गुच्छी का मिलना शुभ संकेत मान रहे हैं। कुछ ग्रामीण इसे प्रकृति के नियमों में बदलाव की संज्ञा भी दे रहे हैं। उलांसा पंचायत के निवासी जोगिंद्र सिंह को खेतों में मटर की बिजाई करने के दौरान गुच्छी मिली है। उन्होंने घर आकर परिवार और ग्रामीणों को खेत में गुच्छी मिलने की बात कही। दिसंबर माह में खेत में गुच्छी के मिलने की बात पंचायत में जंगल की आग की तरह फैल गई। गुच्छी मिलने का समय मार्च और अप्रैल महीना होता है। उन दिनों क्षेत्र में ठंड का प्रकोप कम हो जाता है। ऐसे में अब उलांसा में दिसंबर में मिलने वाली गुच्छी को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं।
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दिसंबर में गुच्छी का मिलना अचरज की बात: डॉ. ईश्वर दास ठाकुर
कृषि विभाग के विषयवस्तुु विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर दास ठाकुर का कहना है कि अक्सर गुच्छी मार्च और अप्रैल माह में मिलती है। ऐसे में अब दिसंबर माह में गुच्छी का मिलना बड़ी अचरज की बात है।
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