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अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 60 किमी की दौड़
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सलूणी (चंबा)। सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलूणी का दर्जा बढ़ाकर सिविल अस्पताल तो कर दिया है लेकिन यहां आज भी मरीजों के अल्ट्रासाउंड और एक्सरे नहीं किए जा रहे हैं। इसके लिए मरीजों को 60 किलोमीटर का सफर तय कर चंबा पहुंचना पड़ रहा है। जबकि नौ पंचायतों की दस हजार की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर रहती है।
यहां अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा शुरू करवाने के लिए स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन आज दिन तक उनकी मांग को किसी भी सरकार ने पूरा नहीं किया। इसको लेकर लोगों में रोष है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है क्योंकि उन्हें रूटीन में अपने अल्ट्रासाउंड करवाकर चिकित्सक को दिखाने होते हैं। नौ पंचायतों की गर्भवती महिलाओं को अपना अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 60 किमी दूर चंबा जाना पड़ रहा है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक गर्भावस्था के दौरान वाहनों में लंबा सफर करने से मना करते हैं लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें मजबूरी में वाहनों में इतना लंबा सफर करना पड़ रहा है।
इसके अलावा इलाके में होनेे वाली वाहन दुर्घटनाओं में घायल लोगों सहित अन्य मरीजों को भी एक्सरे करवाने के लिए चंबा जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अशोक कुमार, हंसराज, केवल, सुरेंद्र और पृथी चंद ने बताया कि सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए सलूणी को सिविल अस्पताल का दर्जा तो दे दिया है लेकिन यहां सुविधाएं नहीं दीं।
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कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पायल ठाकुर ने बताया कि सिविल अस्पताल के नए भवन का कार्य चला हुआ है। नए भवन में मरीजों को ये सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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यहां अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा शुरू करवाने के लिए स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन आज दिन तक उनकी मांग को किसी भी सरकार ने पूरा नहीं किया। इसको लेकर लोगों में रोष है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है क्योंकि उन्हें रूटीन में अपने अल्ट्रासाउंड करवाकर चिकित्सक को दिखाने होते हैं। नौ पंचायतों की गर्भवती महिलाओं को अपना अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 60 किमी दूर चंबा जाना पड़ रहा है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक गर्भावस्था के दौरान वाहनों में लंबा सफर करने से मना करते हैं लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें मजबूरी में वाहनों में इतना लंबा सफर करना पड़ रहा है।
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इसके अलावा इलाके में होनेे वाली वाहन दुर्घटनाओं में घायल लोगों सहित अन्य मरीजों को भी एक्सरे करवाने के लिए चंबा जाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अशोक कुमार, हंसराज, केवल, सुरेंद्र और पृथी चंद ने बताया कि सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए सलूणी को सिविल अस्पताल का दर्जा तो दे दिया है लेकिन यहां सुविधाएं नहीं दीं।
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कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पायल ठाकुर ने बताया कि सिविल अस्पताल के नए भवन का कार्य चला हुआ है। नए भवन में मरीजों को ये सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।