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42 सरकारी बसें सड़कों पर दौड़ाने लायक नहीं

Fri, 08 Apr 2022 10:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 10:54 PM IST
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42 government buses are not fit to run on the roads
चंबा। सुरक्षित और आरामदायक सफर मुहैया करवाने का दावा करने वाली सरकार की एचआरटीसी बस सुविधा दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले में 42 बसें ऐसी हैं, जिनकी बुक वैल्यू जीरो हो चुकी है और दस बसें नौ साल की अवधि पूरी कर चुकी हैं। एचआरटीसी में बीस से अधिक बसें खराब पड़ी हैं। प्रबंधन को रूट चलाने के लिए कई बार इन बसों को भी सड़कों पर दौड़ाना पड़ रहा है। इन बसों की बीच राह में बार-बार सांसें फूलने लग पड़ी हैं। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जानकारी के मुताबिक जिले में वर्तमान में एचआरटीसी डिपो चंबा में 146 बसें हैं। एचआरटीसी प्रबंधन एक सौ से लेकर 106 रूटों पर बस सेवा मुहैया करवा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले करीब साढ़े चार सालों में चंबा को एक भी नई बस नहीं मिल पाई है हालांकि, कार्यालय से डिमांड पत्र कई बार सरकार को भेजे गए, लेकिन आज दिन तक नई बसों की सौगात चंबा को नहीं मिल पाई है। बीते चार सालों में चार टेंपो ट्रेवलर चंबा को मिले हैं जो जनजातीय क्षेत्र भरमौर के विभिन्न रूटों पर दौड़ रहे हैं।
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बीते दिनों चलती बस को लग गई थी आग
चंबा-लंगेरा रूट पर घराटनाला के समीप अचानक एचआरटीसी बस में आग लग गई थी। गनीमत रही कि बस में आग लगने के बाद सवारियां सुरक्षित बाहर आ गईं अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा जुम्महार सहित झुुलाड़ा और धुलाड़ा रूट पर भी एचआरटीसी बसें बीच राह खराब हो गईं।
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एसडीएम नवीन तनवर ने बताया कि एचआरटीसी प्रबंधन से बसों को लेकर पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। कहा कि सही बसों को ही रूट पर भेजने के लिए आदेश दिए गए हैं।
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