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डिस्पेंसरी में दवाइयां लेने वाले मरीजों से हो रहा भेदभाव
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की डिस्पेंसरी में दवाइयां लेने वाले मरीजों ने स्टाफ पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि दूर दराज से आने वाले मरीज दवाइयां लेने के लिए डिस्पेंसरी के बाहर घंटो लाइन में खड़े रहते हैं। जबकि डिस्पेंसरी के कुछ कर्मचारी मनमर्जी से जान पहचान वाले मरीजों को पिछले रास्ते ही दवाइयां मुहैया करवा देते हैं।
इसकी वजह से आम मरीज हताश हो रहे हैं। जबकि डिस्पेंसरी के कर्मचारी अपनी पहचान वालों को पिछले रास्ते दवाइयां देते रहते हैं। हालांकि जब कोई अन्य मरीज दवाई लेने के लिए डिस्पेंसरी में जाने का प्रयास करता है, तो उसे वहां से भगा दिया जाता है। मरीज को लाइन में खड़े होने की नसीहत दी जाती है। जबकि यह नसीहत सभी मरीजों पर लागू नहीं होती। तीमारदार आशा, चैन सिंह, अमर चंद, योगराज, कमल कुमार, सुरेंद्र, भाग सिंह, तारा चंद और केवल कुमार ने बताया कि मरीज जब ओपीडी में डॉक्टर से जांच करवाकर दवाई लेने के लिए डिस्पेंसरी में पहुंचते हैं। वहां पर पहले से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी होती हैं।
मरीज पर्ची लेकर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। जबकि डिस्पेंसरी की कुछ कर्मचारी पिछले दरवाजे से दवाइयां आवंटित करते रहते हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग की कि ऐसा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जो कर्मचारी इस तरह का कार्य कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
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चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की डिस्पेंसरी में दवाइयां लेने वाले मरीजों ने स्टाफ पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि दूर दराज से आने वाले मरीज दवाइयां लेने के लिए डिस्पेंसरी के बाहर घंटो लाइन में खड़े रहते हैं। जबकि डिस्पेंसरी के कुछ कर्मचारी मनमर्जी से जान पहचान वाले मरीजों को पिछले रास्ते ही दवाइयां मुहैया करवा देते हैं।
इसकी वजह से आम मरीज हताश हो रहे हैं। जबकि डिस्पेंसरी के कर्मचारी अपनी पहचान वालों को पिछले रास्ते दवाइयां देते रहते हैं। हालांकि जब कोई अन्य मरीज दवाई लेने के लिए डिस्पेंसरी में जाने का प्रयास करता है, तो उसे वहां से भगा दिया जाता है। मरीज को लाइन में खड़े होने की नसीहत दी जाती है। जबकि यह नसीहत सभी मरीजों पर लागू नहीं होती। तीमारदार आशा, चैन सिंह, अमर चंद, योगराज, कमल कुमार, सुरेंद्र, भाग सिंह, तारा चंद और केवल कुमार ने बताया कि मरीज जब ओपीडी में डॉक्टर से जांच करवाकर दवाई लेने के लिए डिस्पेंसरी में पहुंचते हैं। वहां पर पहले से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी होती हैं।
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मरीज पर्ची लेकर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। जबकि डिस्पेंसरी की कुछ कर्मचारी पिछले दरवाजे से दवाइयां आवंटित करते रहते हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मांग की कि ऐसा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जो कर्मचारी इस तरह का कार्य कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
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