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सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए 25 किमी की दौड़
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25 km run for the treatment of cold
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सलूणी (चंबा)। ग्राम पंचायत भजोतरा के दर्जन भर गांवों के लोगों को मामूली इलाज करवाने के लिए भी 25 किमी दूर तेलका की दौड़ लगानी पड़ रही है। मरीजों की हालत गंभीर होने पर कई बार वे स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। शासन-प्रशासन से भी ग्रामीण कई बार क्षेत्र में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक पंचायत में एक अदद स्वास्थ्य उपकेंद्र न खुल पाना ग्रामीणों की मुसीबतों को बढ़ा रहा है।
एक तरफ प्रदेश सरकार ग्रामीणों को घर-द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के बड़े-बड़े दावे करती है तो वहीं, दूसरी ओर भजोतरा पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र का न होना सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। आलम यह है कि लोगों को सर्दी-जुकाम तक की दवाई लेने के लिए भी 25 किमी का सफर तय कर तेलका पहुंचना पड़ रहा है। स्वास्थ्य उपकेंद्र के अभाव में भजोतरा और बाड़का पंचायतों की ढई हजार की आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पंचायत प्रतिनिधि उपप्रधान कमलेश कुमार, वार्ड सदस्य तिलक राज, गब्बर सिंह सहित ग्रामीणों रमेश कुमार, चतरू राम, मोहन लाल, भाग सिंह, सोहन लाल, सुमित, पोरखी राम, भिल्लो आदि ने कहा कि निजी वाहन के जरिये मरीजों को तेलका तक पहुंचाने के लिए जेबों पर खूब कैंची चल रही है। मरीजों को भजोतरा से तेलका तक टैक्सी में पहुंचाने की एवज में एक हजार से लेकर 1200 रुपये तक किराये के रूप में अदा करने पड़ रहे हैं।
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ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर भजोतरा में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला जाए। उधर, बीएमओ किहार डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में है। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
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एक तरफ प्रदेश सरकार ग्रामीणों को घर-द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के बड़े-बड़े दावे करती है तो वहीं, दूसरी ओर भजोतरा पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र का न होना सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। आलम यह है कि लोगों को सर्दी-जुकाम तक की दवाई लेने के लिए भी 25 किमी का सफर तय कर तेलका पहुंचना पड़ रहा है। स्वास्थ्य उपकेंद्र के अभाव में भजोतरा और बाड़का पंचायतों की ढई हजार की आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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पंचायत प्रतिनिधि उपप्रधान कमलेश कुमार, वार्ड सदस्य तिलक राज, गब्बर सिंह सहित ग्रामीणों रमेश कुमार, चतरू राम, मोहन लाल, भाग सिंह, सोहन लाल, सुमित, पोरखी राम, भिल्लो आदि ने कहा कि निजी वाहन के जरिये मरीजों को तेलका तक पहुंचाने के लिए जेबों पर खूब कैंची चल रही है। मरीजों को भजोतरा से तेलका तक टैक्सी में पहुंचाने की एवज में एक हजार से लेकर 1200 रुपये तक किराये के रूप में अदा करने पड़ रहे हैं।
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ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर भजोतरा में स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला जाए। उधर, बीएमओ किहार डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में है। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।