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चंबा शहर में बिना परमिट के लगाई जा रही 100 रेहडियां
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अवैध रेहड़ियों की वजह से शहर में तंग हुईं सड़कें
शहर में बिना परमिट लगाई जा रहीं 100 से अधिक रेहड़ियां, सिर्फ 94 के पास परमिट सड़कों और रास्तों के किनारे रेहड़ी लगने से आवाजाही में आ रही दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा शहर में अवैध रेहड़ी धारकों की संख्या में दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शहर में रेहड़ियों की संख्या बढ़ने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आ रही हैं। शहर के हर चौराहे पर रेहड़ियां लगी हुई देखी जा सकती हैं। चंबा शहर में करीब 94 ऐसे रेहड़ी धारक है, जिनके पास रेहड़ी लगाने के परमिट हैं। मगर पिछले पांच सालों में रेहड़ियों की संख्या शहर में 200 के करीब पहुंच चुकी हैं। 100 रेहड़ी धारक ऐसे हैं जो बिना परमिट के की शहर में रेहड़ी लगा रहे हैं। मगर नगर परिषद इन रेहड़ी धारकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। कई सामाजिक संगठन शहर से अवैध रूप से लगाई जाने वाली रेहड़ियों को हटाने के लिए प्रशासन से मिल चुके हैं। मगर अभी तक शहर में बिना परमिट की रेहड़ियों को नहीं हटाया जा सका है। ऐसा लग रहा है कि नप अपने फायदे के लिए शहर में बिना परमिट वाली रेहड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। गौरतलब हो कि जिला मुख्यालय की सड़क दिनप्रति दिन संकरी होती जा रही है। सड़क किनारों पर लगने वाली अवैध रेहड़ियां ही इसका मुख्य कारण है। वहीं, नप चंबा के पास पंजीकृत रेहड़ी धारकों की अपेक्षा सड़कों पर अत्यधिक अवैध रेहड़ी धारक भी मनमर्जी से रेहड़ियां लगा रहे हैं। इसका खामियाजा शहर में पहुंचने वाले लोगों और वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। बता दें कि कुछ समय पूर्व बाजार के मुख्य चौक से मेडिकल कॉलेज चंबा तक के रास्ते को शाम छह बजे के बाद यातायात के लिए बंद करवाया गया था। इससे शाम के समय शहर में टहलने वाले लोगों ने राहत की ही सांस ली थी। बावजूद इसके अब फिर से वहीं हालात बन कर रह गए हैं। शहरवासी चंद राम, अजय कुमार, पर्स राम, देशराज, रोशन लाल, प्यार सिंह, जय सिंह, राजेश और धर्मपाल ने बताया कि पिछले कुछ सालों से शहर में बिना परमिट वाली रेहड़ियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई है। इसके कारण शहर में लोगों को चलने फिरने में दिक्कतें पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि नप बिना परमिट वाले रेहड़ी धारकों से रोजना पर्ची काटकर रेहड़ी लगाने की अनुमति प्रदान कर रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नप अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि शहर से बिना परमिट रेहड़ी लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शहर में बिना परमिट लगाई जा रहीं 100 से अधिक रेहड़ियां, सिर्फ 94 के पास परमिट सड़कों और रास्तों के किनारे रेहड़ी लगने से आवाजाही में आ रही दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा शहर में अवैध रेहड़ी धारकों की संख्या में दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शहर में रेहड़ियों की संख्या बढ़ने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आ रही हैं। शहर के हर चौराहे पर रेहड़ियां लगी हुई देखी जा सकती हैं। चंबा शहर में करीब 94 ऐसे रेहड़ी धारक है, जिनके पास रेहड़ी लगाने के परमिट हैं। मगर पिछले पांच सालों में रेहड़ियों की संख्या शहर में 200 के करीब पहुंच चुकी हैं। 100 रेहड़ी धारक ऐसे हैं जो बिना परमिट के की शहर में रेहड़ी लगा रहे हैं। मगर नगर परिषद इन रेहड़ी धारकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। कई सामाजिक संगठन शहर से अवैध रूप से लगाई जाने वाली रेहड़ियों को हटाने के लिए प्रशासन से मिल चुके हैं। मगर अभी तक शहर में बिना परमिट की रेहड़ियों को नहीं हटाया जा सका है। ऐसा लग रहा है कि नप अपने फायदे के लिए शहर में बिना परमिट वाली रेहड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। गौरतलब हो कि जिला मुख्यालय की सड़क दिनप्रति दिन संकरी होती जा रही है। सड़क किनारों पर लगने वाली अवैध रेहड़ियां ही इसका मुख्य कारण है। वहीं, नप चंबा के पास पंजीकृत रेहड़ी धारकों की अपेक्षा सड़कों पर अत्यधिक अवैध रेहड़ी धारक भी मनमर्जी से रेहड़ियां लगा रहे हैं। इसका खामियाजा शहर में पहुंचने वाले लोगों और वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। बता दें कि कुछ समय पूर्व बाजार के मुख्य चौक से मेडिकल कॉलेज चंबा तक के रास्ते को शाम छह बजे के बाद यातायात के लिए बंद करवाया गया था। इससे शाम के समय शहर में टहलने वाले लोगों ने राहत की ही सांस ली थी। बावजूद इसके अब फिर से वहीं हालात बन कर रह गए हैं। शहरवासी चंद राम, अजय कुमार, पर्स राम, देशराज, रोशन लाल, प्यार सिंह, जय सिंह, राजेश और धर्मपाल ने बताया कि पिछले कुछ सालों से शहर में बिना परमिट वाली रेहड़ियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई है। इसके कारण शहर में लोगों को चलने फिरने में दिक्कतें पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि नप बिना परमिट वाले रेहड़ी धारकों से रोजना पर्ची काटकर रेहड़ी लगाने की अनुमति प्रदान कर रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नप अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि शहर से बिना परमिट रेहड़ी लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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