{"_id":"5ab91f104f1c1b8f778b78e2","slug":"21522081552-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छुट भैये नेता निजी स्वार्थ को लेकर एनजीओ फेडरेशन में पैदा कर रहे गुटबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छुट भैये नेता निजी स्वार्थ को लेकर एनजीओ फेडरेशन में पैदा कर रहे गुटबंदी
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
परिसंघ के नाम पर नेतागिरी करने वाले नेता खुद को बता रहे महासंघ के नेता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
भरमौर (चंबा)।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ चंबा के मुख्य सलाहकार जगदीश चौहान ने कहा कि कुछ छुटभैये नेता निजी स्वार्थ के लिए एनजीओ फेडरेशन में गुटबंदी पैदा कर रहे हैं। इससे कर्मचारी हितों को चोट पहुंच रही है। ऐसा करने वाले नेता कर्मचारियों के रक्षक नहीं, बल्कि भक्षक हैं। उन्होंने परिसंघ के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते।
उन्होंने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का स्वयं प्रदेश अध्यक्ष बन बैठना बहुत हास्यास्पद है। ऐसे स्वयं भू नेताओं को प्रदेश के कर्मचारी कतई सहन नहीं करेंगे। महासंघ कोई उग्रवादी संगठन नहीं है, जहां चार आदमी इकटट्ठा करके मनमर्जी से संगठन की स्थापना कर ली। उन्होंने ऐसा करने वाले कर्मचारी नेताओं को आगाह किया है कि वे अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की सदस्यता लेकर एक मंच पर चुनाव लड़ें तो उनका महासंघ स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में कर्मचारियों की बहुत सी समस्याएं हैं इसे पूरा करने के लिए कर्मचारियों को एकजुट होने की जरूरत है।
विज्ञापन