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आधी रात को मची चीखो पुकार, बस में फंसी जिंदगियां

Wed, 30 Aug 2017 10:43 PM IST
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:43 PM IST
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आधी रात को मची चीखो पुकार, बस में फंसी जिंदगियां
अमर उजाला ब्यूरो
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डलहौजी (चंबा)। भरमौर से शाम साढ़े पांच बजे धर्मशाला के लिए निकली धर्मशाला डिपो की एचआरटीसी बस एचपी-68- 4434 रात नौ बजे चंबा पहुंची। चंबा बस अड्डे पर आधे घंटा रुकने के बाद ये बस साढ़े नौ बजे चंबा से धर्मशाला के लिए रवाना हुई। इस दौरान बस में चंबा से कुछ सवारियां भी चढ़ीं। रात करीब डेढ़ बजे बस चाय पानी करने के लिए नैनीखड्ड पहुंची। आधी रात को नैनीखड्ड में चायपान करने के बाद कुछ ही मिनट बाद बड़ी दा मोड़ में अचानक बस सड़क से नीचे लुढ़क गई और पलट गई। बस लुढ़कती हुई सफेदे के पेड़ से फंस गई। आधी रात को चीखो पुकार से 50 जिंदगियां बस में फंस गई। बड़ी दा मोड़ में होने वाली दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई।

बस के नीचे लुढ़कते ही सवारियों में हाहाकार मच गया। सभी चीखने चिल्लाने लगे। चालक ने बस से छलांग लगा दी। सड़क के नीचे एक पलटा खाने के बाद बस सफेदों के पेड़ों के बीच उलटी लटक गई। खून से लथपथ सवारियां घायल अवस्था में खुद बाहर निकलने की कोशिश करने लगी। सवारियों की चीखो पुकारे सुन कर वहां अन्य लोग भागे-दौडे़ पहुंचे। लोगों ने पौने दो बजे बकलोह चौकी व स्वामी हरि गिरि अस्पताल ककीरा में हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस व एंबुलेंस की गाड़ियां दो बजे घटना स्थल पहुंच गई। घायलों को एंबुुलेंस के जरिए सवा दो बजे स्वामी हरि गिरि अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर डॉक्टरों की टीम घायलों का उपचार करने के लिए पहले से मुस्तैद थी। साढ़े तीन बजे के करीब नौ गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद स्वामी हरि गिरि अस्पताल ककीरा से टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जबकि अन्य घायलों को इलाज के लिए स्वामी हरि गिरि अस्पताल ककीरा में भर्ती किया गया। जहां पर उनका उपचार चल रहा है। बस में विजेंद्र पुत्र नत्थू राम निवासी मनसिंबल डाकघर भवारना तहसील पालमपुर अपनी पत्नी श्रेष्टा के साथ मणिमहेश यात्रा से लौट रहा था। परंतु नैनीखड्ड में बस सड़क से नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई। श्रेष्टा अपने पति के शव के पास रोती बिखलती रही। इसके अलावा मातम सिंह निवासी पांगी अपने भांजे विजेश के साथ चंबा से धर्मशाला जा रहा था। हादसे में उसकी मौत हो गई। मामा की मौत ने विजेश को अंदर तक झिंझौड़ कर रख दिया। उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि जो मामा कुछ देर तक उसके साथ हंसी-खुशी बात कर रहा था। अब वह इस दुनिया में नहीं है। बुधवार को मृतक मातम सिंह के भांजे ने अपने मामा की मौत की सूचना घरवालों को दी।
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