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अब किश्तों में जमा नहीं होंगे बिजली बिल, हजारों उपभोक्ताओं को झटका
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बिजली का बिल
- फोटो : demo pic
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सुभाष कुमार अग्निहोत्री
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चंबा। बिजली के बिलों की समयानुसार अदायगी न करने वाले उपभोक्ताओं की अब मुसीबतें बढ़नी वाली हैं। विद्युत बोर्ड में अपडेट किए गए सिस्टम एप्लीकेशन प्रोडक्ट (सैप सॉफ्टवेयर) से ही इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने वाली है। इस वजह से अब विद्युत उपभोक्ता किश्तों में बिलों की अदायगी नहीं कर पाएंगे। उपभोक्ताओं को बिजली खपत के अनुसार आने वाले बिजली बिल की एकमुश्त अदायगी करनी होगी। ऐसा न करने पर उनकी पेंडेंसी बढ़ेगी। इससे उनके बिजली कनेक्शन तक कट सकते हैं। कुल मिला कर सैप सॉफ्टवेयर विद्युत बोर्ड का राजस्व बढ़ाने और लेटलतीफ उपभोक्ताओं की दिक्कतों को बढ़ाने का ही काम करेगा।
गौरतलब हो कि जिले में कुल एक लाख 32 हजार के करीब विद्युत उपभोक्ता हैं। इसके तहत विद्युत मंडल चंबा के अधीन 70 हजार, डलहौजी मंडल के अधीन करीब 66 हजार और पांगी मंडल के अधीन अमूमन 6 हजार विद्युत उपभोक्ता आते हैं। विद्युत बोर्ड के मुताबिक जिले में करीब 6 से आठ हजार उपभोक्ता हर माह बिजली बिलों की अदायगी समयानुसार न करवाकर किश्तों में करवाते हैं। इतना ही नहीं, हर माह जिले भर से करीब चार से पांच हजार अस्थायी डिफाल्टर विद्युत उपभोक्ता भी सामने आते हैं। यह उपभोक्ता अगले माह आने वाले बिजली बिल में से कुछ राशि को जमा करवाकर बिजली के कनेक्शन कटवाने से बच जाते हैं। इससे कुल मिला कर बोर्ड के राजस्व में घाटा दर्ज किया जाता है। ऐसे में अब विद्युत बोर्ड में अपडेट किया गया सैप सॉफ्टवेयर से ही इस प्रकार की स्थिति बन पाई है। यह सॉफ्टवेयर विद्युत बोर्ड के लिए लाभदायक जबकि, लेटलतीफ उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनने वाला है। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता योगेश शर्मा ने बताया कि सिस्टम एप्लीकेशन प्रोडेक्ट (सैप सॉफ्टवेयर) के चलते किश्तों में बिजली के बिलों की अदायगी नहीं हो पाएगी। अब उपभोक्ताओं को बिजली बिल पूरा ही जमा करवाना होगा। इससे बोर्ड के राजस्व में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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