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बदहाल सड़क पर अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाएं कर रहीं 60 किमी का सफर

Wed, 10 Oct 2018 10:36 PM IST
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:36 PM IST
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बदहाल सड़क पर अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाएं कर रहीं 60 किमी का सफर
ultrasound - फोटो : demo pic

अमर उजाला ब्यूरो

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तीसा (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र चुराह के सिविल अस्पताल तीसा में मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। इस वजह से विस क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 65 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ता है। यह सफर भी महिला को बस में करना पड़ता है। मार्ग उबड़ खाबड़ होने के कारण महिलाओं को टेस्ट न होने के कारण भारी परेशानियों से जूझना पड़ता है। हैरानी इस बात की है कि अस्पताल में वर्ष 1990 में मशीन स्थापित कर दी गई थी लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए रेडियोलॉजिस्ट का पद आज तक सृजित नहीं किया गया है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि लोगों को भूख हड़ताल पर बैठने पर मजबूर होना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों को प्रशिक्षण देकर टेस्ट करवाने की सुविधा को चलाता रहा है। मगर रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित न होना अपने आप में बड़ी लापरवाही है। इससे दुर्गम क्षेत्र में सरकार की स्वास्थ्य सुविधाएं देने की नीयत का भी पता चलता है।

हर महीने 300 गर्भती महिलाएं टेस्ट करवाने आती हैं चंबा
तीसा में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने के कारण हर रोज 10 से 15 महिलाओं को टेस्ट करवाने के लिए चंबा जाना पड़ता है। इसमें किराये के साथ-साथ अन्य खर्च भी शामिल रहता है। सड़क की हालत खस्ता होने के कारण गर्भपात होने की आशंका भी बनी रहती हैै। मगर विस क्षेत्र की महिलाओं का यह दर्द समझने का वाला कोई नहीं है। अमूमन एक महीने में 300 से अधिक महिलाएं अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 60 किलोमीटर का सफर तय कर चंबा जाने को मजबूर होती है। यहां पर भी उन्हें टेस्ट करवाने के लिए लंबी कतारों में खड़े होना पड़ता है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन नें अल्ट्रासाउंड मशीन का आर्डर दिया गया है। मगर इसे चलाने वाला अस्पताल में कोई नहीं होने के कारण इसके आने पर भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत आती 42 पंचायतों की सवा लाख आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सिविल अस्पताल तीसा पर ही निर्भर है। चंबा मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड न होने की सूरत में महिलाओं को निजी क्लीनिकों का ही रूख करना पड़ रहा है। इसकी एवज में ग्रामीणों को तीन हजार रुपये तक की अदायगी करनी पड़ रही है। जबकि, सरकारी अस्पताल में 300 रूपये से लेकर 400 रुपये में हो जाते हैं।
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मशीन है मगर रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं ऱ् सीएमओ सीएमओ चंबा डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि सीविल अस्पताल तीसा में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है। लेकिन, अस्पताल में रेडियालॉजिस्ट का पद ही नहीं है।
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कांग्रेस सरकार ने मशीन दी मगर तकनीकी विशेषज्ञ नहीं : हंसराज
विस उपाध्यक्ष एवं चुराह विधायक हंसराज ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के शासनकाल में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत करवाने के बजाए सिविल अस्पताल तीसा में अल्ट्रासाउंड मशीन दे दी गई थी। इसका क्षेत्र के लोगों को कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है। अस्पताल में रिक्त पदों को भरने और अल्ट्रासाउंड मशीन देने और उसे चलाने के लिए विशेषज्ञ भेजने बारे में मुख्यमंत्री से मिलकर बात की गई है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा करवा दिया जाएगा।

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