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स्कूल टीचर यूनियन ने युवा मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को दी बधाई
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:53 PM IST
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एसएमसी शिक्षकों ने की स्थायी नीति बनाने की मांग
स्कूल टीचर संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दी बधाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पीरियड आधार स्कूल टीचर यूनियन चंबा ने प्रदेश सरकार के युवा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई दी है। साथ ही उनके कुशल नेेतृत्व में राज्य के चहुमुखी विकास की कामना की है। शुक्रवार को जारी प्रेस बयान में यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र रावत ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाईयों को छुएगा। साथ ही एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थायी नीति तैयार कर शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि एसएमसी शिक्षक पिछले पांच सालों से जिला के दूर-दराज क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे है। मगर पूर्व की कांग्रेस सरकार ने शिक्षकों के लिए कोई नीति नहीं बनाई है। इसके चलते शिक्षकों का भविष्य दांव पर है। यूनियन जिलाध्यक्ष नरेंद्र रावत ने बताया कि जो वेतन वर्तमान में शिक्षकों को मिल रहा है, वो काफी कम है। इस वेतन से परिवार का पालन पोषण करने में एसएमसी शिक्षकों को परेशानियां पेश आ रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के इस वर्ग के लिए साल भर में कोई अवकाश की व्यवस्था भी नहीं है। यूनियन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके लिए जल्द स्थायी नीति बनाई जाए। ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए। गौरतलब है कि पूरे राज्य में करीब तीन हजार से भी अधिक शिक्षक एसएमसी के तहत स्कूलों में तैनात हैं। मगर कम वेतन होने से शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्कूल टीचर संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को दी बधाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पीरियड आधार स्कूल टीचर यूनियन चंबा ने प्रदेश सरकार के युवा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई दी है। साथ ही उनके कुशल नेेतृत्व में राज्य के चहुमुखी विकास की कामना की है। शुक्रवार को जारी प्रेस बयान में यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र रावत ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाईयों को छुएगा। साथ ही एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थायी नीति तैयार कर शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि एसएमसी शिक्षक पिछले पांच सालों से जिला के दूर-दराज क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे है। मगर पूर्व की कांग्रेस सरकार ने शिक्षकों के लिए कोई नीति नहीं बनाई है। इसके चलते शिक्षकों का भविष्य दांव पर है। यूनियन जिलाध्यक्ष नरेंद्र रावत ने बताया कि जो वेतन वर्तमान में शिक्षकों को मिल रहा है, वो काफी कम है। इस वेतन से परिवार का पालन पोषण करने में एसएमसी शिक्षकों को परेशानियां पेश आ रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के इस वर्ग के लिए साल भर में कोई अवकाश की व्यवस्था भी नहीं है। यूनियन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके लिए जल्द स्थायी नीति बनाई जाए। ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए। गौरतलब है कि पूरे राज्य में करीब तीन हजार से भी अधिक शिक्षक एसएमसी के तहत स्कूलों में तैनात हैं। मगर कम वेतन होने से शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।