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जेनेरिक दवाइयां नहीं लिख रहे डॉक्टर
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:29 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में जेनेरिक दवाओं को लेकर जन औषधि केंद्र तो खोल दिया गया है। मगर केंद्र में रखी दवाओं को लिखने में डॉक्टर अभी भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इस वजह से मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाइयां होने के बावजूद महंगी ब्रांडेड दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इससे जन औषधि केंद्र को खोलने का फायदा आम जनता को नहीं मिल रहा है।
अस्पताल में रोजाना 300 मरीज विभिन्न ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए आते हैं। मगर जन औषधि केंद्र में रोजाना चार से पांच पर्चियां ही पहुंचती हैं। इससे साफ जाहिर है कि डॉक्टर जन औषधि केंद्र में रखी दवाओं को नहीं लिख रहे हैं और मरीजों को महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही हैं। इससे मरीजों को सरकार की इस योजना का फायदा आज तक नहीं मिल रहा है। वहीं निजी केमिस्टों की खूब चांदी हो रही है।
यही सिलसिला चलता रहा तो लोगों को जन औषधि केंद्र का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। इस वजह से जन औषधि केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट पूरा दिन बेकार बैठने को मजबूर हैं। जबकि अन्य केमिस्टों की दुकानों में दवाई लेने वालों की भीड़ लगी रहती है। कहने को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत हर सरकारी अस्पताल में जन ओषधि केंद्र खोले गए हैं। मगर चंबा में लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसका मुख्य कारण डॉक्टरों का जेनेरिक दवाइयां न लिखना है जबकि सरकार ने पहले ही निर्देश जारी किए हैं कि डॉक्टरों को जेनेरिक दवाइयां लिखनी होंगी। तीमारदार में अशोक कुमार, चैन सिंह, योगराज, अजय कुमार, मान सिंह, चतरो राम, देवी प्रसाद, सुरेंद्र, रवि, जितेंद्र और हंसराज ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टरों को जन औषधि केंद्र में रखी दवाओं को लिखने के निर्देश दिए जाएं। ताकि मरीजों को सस्ती और जेनेरिक दवाइयों का लाभ मिल सकेें।
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752 दवाइयों का किया प्रचार, रखी हैं 64 दवाएं
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जन औषधि केंद्र में 752 दवाएं रखने का प्रचार किया है। मगर जन औषधि केंद्र में मात्र 64 दवाइयां ही रखी गई हैं। इनको लिखने में भी डॉक्टर दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। मजबूरन मरीजों को महंगी और ब्रांडेड दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
दवाएं नहीं लिखने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि जन औषधि केेंद्र की दवाइयों का ऑर्डर दिया जा चुका है। इसके अलावा सभी डॉक्टरों को जन औषधि केंद्र में रखी दवाइयों को लिखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में जेनेरिक दवाओं को लेकर जन औषधि केंद्र तो खोल दिया गया है। मगर केंद्र में रखी दवाओं को लिखने में डॉक्टर अभी भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इस वजह से मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाइयां होने के बावजूद महंगी ब्रांडेड दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इससे जन औषधि केंद्र को खोलने का फायदा आम जनता को नहीं मिल रहा है।
अस्पताल में रोजाना 300 मरीज विभिन्न ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए आते हैं। मगर जन औषधि केंद्र में रोजाना चार से पांच पर्चियां ही पहुंचती हैं। इससे साफ जाहिर है कि डॉक्टर जन औषधि केंद्र में रखी दवाओं को नहीं लिख रहे हैं और मरीजों को महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही हैं। इससे मरीजों को सरकार की इस योजना का फायदा आज तक नहीं मिल रहा है। वहीं निजी केमिस्टों की खूब चांदी हो रही है।
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यही सिलसिला चलता रहा तो लोगों को जन औषधि केंद्र का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। इस वजह से जन औषधि केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट पूरा दिन बेकार बैठने को मजबूर हैं। जबकि अन्य केमिस्टों की दुकानों में दवाई लेने वालों की भीड़ लगी रहती है। कहने को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत हर सरकारी अस्पताल में जन ओषधि केंद्र खोले गए हैं। मगर चंबा में लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसका मुख्य कारण डॉक्टरों का जेनेरिक दवाइयां न लिखना है जबकि सरकार ने पहले ही निर्देश जारी किए हैं कि डॉक्टरों को जेनेरिक दवाइयां लिखनी होंगी। तीमारदार में अशोक कुमार, चैन सिंह, योगराज, अजय कुमार, मान सिंह, चतरो राम, देवी प्रसाद, सुरेंद्र, रवि, जितेंद्र और हंसराज ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टरों को जन औषधि केंद्र में रखी दवाओं को लिखने के निर्देश दिए जाएं। ताकि मरीजों को सस्ती और जेनेरिक दवाइयों का लाभ मिल सकेें।
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752 दवाइयों का किया प्रचार, रखी हैं 64 दवाएं
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जन औषधि केंद्र में 752 दवाएं रखने का प्रचार किया है। मगर जन औषधि केंद्र में मात्र 64 दवाइयां ही रखी गई हैं। इनको लिखने में भी डॉक्टर दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। मजबूरन मरीजों को महंगी और ब्रांडेड दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
दवाएं नहीं लिखने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि जन औषधि केेंद्र की दवाइयों का ऑर्डर दिया जा चुका है। इसके अलावा सभी डॉक्टरों को जन औषधि केंद्र में रखी दवाइयों को लिखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।