{"_id":"5b083b094f1c1bf16e8b48d4","slug":"181527266057-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राकृतिक जलस्रोत सूखे, जल संकट बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राकृतिक जलस्रोत सूखे, जल संकट बढ़ा
Updated Fri, 25 May 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
water tap
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले में प्राकृतिक जस स्रोतों का सूखना और स्रोतों में पानी की कमी होना निकट भविष्य में अकाल की स्थिति पैदा कर सकता है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ विभाग की मानें तो वर्तमान समय तक 20 से 30 प्रतिशत प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं, तो वहीं 50 प्रतिशत जलस्रोतों में पानी की कमी दर्ज की गई है। प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की कमी विभाग के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। वर्तमान समय में कई क्षेत्रों में पानी की कमी होने से विभाग दिन में एक समय पानी की आपूर्ति कर लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने में जुटा हुआ है।
गौरतलब है कि मई में ही जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। पेयजल संकट गहराने का मुख्य कारण सर्दियों के समय क्षेत्र में भरपूर मात्रा में बारिश और बर्फबारी का न होना है। यही कारण है कि मई के अंत तक अधिकांश जगहों से पानी की आपूर्ति बाधित होने संबंधी समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। विभागीय अधिकारी स्टाफ न होने का रोना रो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग अब दो-दो घंटों के हिसाब से पानी दे रहा है। इसके अलावा आगामी समय में पानी की किल्लत संबंधी अधिक समस्या होने पर आईपीएच विभाग एक दिन के बाद भी पानी की आपूर्ति उपभोक्ताओं को प्रदान कर सकता है।
टैंकरों से की जाएगी सप्लाई : कपूर
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कपूर ने माना कि जिले में 20 से 30 प्रतिशत प्राकृतिक जलस्रोत सूख गए हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास स्टाफ की कमी होने से भी विभाग की दिक्कतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति को सुचारु करने के लिए विभाग ने हैंडपंपों को पहले ही दुरुस्त करवाया है। साथ ही आने वाले समय में यदि पानी की समस्या विकराल रूप धारण करती है तो पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंबा। जिले में प्राकृतिक जस स्रोतों का सूखना और स्रोतों में पानी की कमी होना निकट भविष्य में अकाल की स्थिति पैदा कर सकता है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ विभाग की मानें तो वर्तमान समय तक 20 से 30 प्रतिशत प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके हैं, तो वहीं 50 प्रतिशत जलस्रोतों में पानी की कमी दर्ज की गई है। प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की कमी विभाग के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। वर्तमान समय में कई क्षेत्रों में पानी की कमी होने से विभाग दिन में एक समय पानी की आपूर्ति कर लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने में जुटा हुआ है।
गौरतलब है कि मई में ही जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। पेयजल संकट गहराने का मुख्य कारण सर्दियों के समय क्षेत्र में भरपूर मात्रा में बारिश और बर्फबारी का न होना है। यही कारण है कि मई के अंत तक अधिकांश जगहों से पानी की आपूर्ति बाधित होने संबंधी समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। विभागीय अधिकारी स्टाफ न होने का रोना रो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग अब दो-दो घंटों के हिसाब से पानी दे रहा है। इसके अलावा आगामी समय में पानी की किल्लत संबंधी अधिक समस्या होने पर आईपीएच विभाग एक दिन के बाद भी पानी की आपूर्ति उपभोक्ताओं को प्रदान कर सकता है।
विज्ञापन
टैंकरों से की जाएगी सप्लाई : कपूर
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कपूर ने माना कि जिले में 20 से 30 प्रतिशत प्राकृतिक जलस्रोत सूख गए हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास स्टाफ की कमी होने से भी विभाग की दिक्कतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति को सुचारु करने के लिए विभाग ने हैंडपंपों को पहले ही दुरुस्त करवाया है। साथ ही आने वाले समय में यदि पानी की समस्या विकराल रूप धारण करती है तो पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन