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सवा दो घंटे तक ओपीडी के बाहर इंतजार करते रहे मरीज

Wed, 14 Mar 2018 11:07 PM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:07 PM IST
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सवा दो घंटे तक ओपीडी के बाहर इंतजार करते रहे मरीज
doctor - फोटो : demo pics

अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। केंद्र और राज्य सरकार ने बजट में मरीजों की सुविधा के लिए चिकित्सा बीमा योजना का प्रावधान किया है। लेकिन विडंबना है कि प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े टांडा अस्पताल में स्टाफ ही पूरा नहीं है। ऐसे में मरीजों के इलाज की क्या कल्पना की जा सकती है। अमर उजाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो सामने आया कि यहां पर भी मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। दिन बुधवार, स्थान चंबा मेडिकल कॉलेज समय सुबह दस बजे। ओपीडी नंबर 101 में मरीज लाइनों में खड़े होकर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। मगर यहां सवा दो घंटे के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंचा।

हालत यह थी कि बीमार मरीज थक हारकर फर्श बैठ गए। इसमें से कई मरीजों की हालत तक बिगड़ रही थी। हैरानी इस बात की है कि यह हाल जिले के सबसे बड़े अस्पताल का है। यहां जिले के दूर दराज के क्षेत्र से मरीज उपचार के लिए आते हैं। मगर यहां भी उन्हें धक्के ही नसीब होते हैं। जब डॉक्टर सवा बारह बजे तक नहीं पहुंचा तो मरीजों के सब्र का बांध टूटने लगा। इसके बाद मरीजों ने प्रबंधन को इस बारे में सूचित किया तो वहां डॉक्टर को भेजा गया।
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पता चला कि ओपीडी में तैनात डॉक्टर वार्ड में राउंड में व्यस्त रहा। जबकि ओपीडी के बाहर मरीज घंटों इंतजार करते रहे। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में अकसर देखा जाता है कि समय पर डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचते हैं।
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इसकी वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। चंबा मेडिकल कॉलेज वर्तमान में 110 चिकित्सक और विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। जबकि एमबीबीएस का दूसरा सत्र बिठाने के लिए 120 डॉक्टरों की जरूरत है।

सीटी स्कैन की मशीन खराब, मरीज बेहाल
अस्पताल में सीटी स्कैन टेस्ट करवाने की मरीजों कोई सुविधा नहीं मिल रही। क्योंकि अस्पताल में रखी सीटी स्कैन मशीन खराब हो चुकी है। इसे अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। इसके कारण मरीजों को निजी लैबों में जाकर टेस्ट करवाने पड़ते हैं।द्घ हालांकि प्रबंधन की ओर से सीटी स्कैन की नई मशीन को लेकर डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजूकेशन को अवगत करवा दिया है। मगर अभी तक नई मशीन नहीं लग पाई है।

स्क्रब टायफस के टेस्ट के लिए जाना पड़ रहा टांडा
चंबा मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस की जांच करने की सुविधा नहीं है। जबकि अस्पताल में दो माह के भीतर दो स्क्रब टायफस के मामले सामने आ चुके हैं। स्क्रब टायफस से ग्रसित मरीजों की जांच राम भरोसे है। कार्ड टेस्ट के जरिए मरीजों में स्क्रब टायफस की जांच की जा रही है। वह भी मरीज निजी लैब में करवा रहे हैं। अस्पताल में इस टेस्ट की सुविधा नहीं है। जोकि अस्पताल में होना आवश्यक है। मजबूरी में मरीजों को स्क्रब टायफस का टेस्ट करवाने के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। हालांकि अन्य बीमारियों के टेस्ट करने के लिए अस्पताल के पेथोलॉजी विभाग में व्यवस्था कर दी गई है।
240 बेड पर 400 मरीजों का उपचार
अस्पताल में मौजूदा समय में 240 बेडों की सुविधा है। जबकि मरीजों की संख्या 400 के करीब है। इस वजह से कई वार्डों में एक बेड पर दो-दो मरीज लेटाए जा रहे हैं। इसकी वजह से मरीजों को परेशान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एक दूसरे से संक्रमण का खतरा भी रहता है। ऐसे में मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में बेडों की संख्या बढ़ाए जाना भी जरूरी है। अस्पताल का नया भवन तैयार हो चुका है। यहां पचास बेडों की सुविधा है। मगर अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया है। इसके शुरू होने से समस्या का कुछ हद तक समाधान हो सकता है।

400 मरीजों की देखभाल कर रही 21 स्टाफ नर्सें
चंबा मेडिकल कॉलेज में 400 मरीजों की देखभाल करने के लिए 21 स्टाफ नर्सें तैनात हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के लिए 110 स्टाफ नर्सों के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस वजह से एक नर्स को 10 से 12 मरीज देखने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से भी मरीज और स्टाफ नर्सें परेशान हो रहे हैं। अस्पताल में स्टाफ नर्सों की संख्या बढ़ाने जाना जरूरी है।

अस्पताल में मरीजों को मिल रही दवाइयां
अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों में से अशोक, भाग राम, लेख सिंह, प्यार सिंह, सुरेश कुमार व मंजीत सिंह ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। पहले अस्पताल में मरीजों को दवाई नहीं मिलती थी। परंतु अब अस्पताल में मरीजों को दवाइयां मिल रही हैं। ओपीडी में डॉक्टर के देरी से आने से मरीज परेशान हो रहे हैं। इसको लेकर प्रबंधन को कड़े कदम उठाने चाहिए।


ओपीडी में भेज दिया गया डॉक्टर : डॉ अनिल ओहरी
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर अनिल ओहरी ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने के बारे में उन्हें सूचना मिली थी। डॉक्टर राउंड में व्यस्त था। मरीजों की सुविधा के लिए डॉक्टर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि नई सीटी स्कैन मशीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नई मशीन लग जाएगी। वहीं स्क्रब टायफस की जांच करने वाली किट भी अस्पताल में उपलब्ध करवाई जाएगी।

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