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मणिमहेश पवित्र डल से जमी, बिछी बर्फ की मोटी चादर
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:36 PM IST
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kugti manimahesh track
- फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरमौर (चंबा)। सर्दियों शुरू होते ही मणिमहेश की पवित्र डल झील पूरी तरह से जम चुकी है। इस पर बर्फ की मोटी चादर बिछ चुकी है। इतना ही नहीं डल झील के अलावा आसपास का परिक्षेत्र भी बर्फ की सफेद चादर से ढका हुआ है। चारों तरफ बिछी बर्फ की सफेद चादर के बीच यहां का दृश्य देखते ही बनता है। कड़ी मशक्कत के बाद डलझील पहुंचें ट्रैकर भी यहां का नजारा देखकर दंग रह गए। गौरतलब है कि समुद्र तल से 13 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित डलझील पूरी तरह अक्तूबर माह में होने वाली बर्फ से ढक गई है। पवित्र डल में अमूमन ढाई फीट तो वहीं, सुंदरासी तक डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई है।
ऐसे में फिसलन भरे रास्ते को पार कर तीन सदस्यीय ट्रैकरों का दल मशक्कत के बाद पवित्र डल पर पहुंचा। इस दल में महेश नाग, राजेंद्र कटोच, गाइड नवीन शर्मा शामिल रहे। ट्रैकर और पूर्व प्रधानाचार्य महेश नाग ने बताया कि अब तक वह मानसरोवर कैलाश, ओम कैलाश, किन्नर कैलाश, श्रीखंड कैलाश और मणिमहेश कैलाश की ट्रैकिंग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरासी से भैरोघाटी और भैरोघाटी से लेकर डलझील तक करीब दो किलोमीटर का ट्रैक बर्फ से पूरी तरह से ढका हुआ है। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा के दौरान सुंदरासी से डलझील तक डेढ़ घंटे तक का समय लगता है। मगर बर्फबारी और फिसलन अधिक होने से उन्हें सुंदरासी से डलझील तक पहुंचने में ही ढाई घंटों का समय लगा है। उन्होंने कहा कि पवित्र डल पर पहुंचने पर वह बर्फ की सफेद चादर देख चकित रह गए। पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढका हुआ था।
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