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सलूणी-किलोड़ सड़क दो माह से बंद, आधा दर्जन गाड़ियां फंसीं
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अमर उजाला ब्यूरो
किहार (चंबा)। सलूणी से किलोड़ के लिए बना 13 किलोमीटर जीप योग्य मार्ग दो माह से यातायात के लिए बंद पड़ा है। क्षेत्र में अत्यधिक बर्फबारी और भारी बारिश के कारण मार्ग पर पेड़ों के गिरने और जगह-जगह भूस्खलन होने से ही इस प्रकार की नौबत पेश आई है। हैरानी की बात तो यह है कि दो माह का समय बीत जाने के बावजूद वन विभाग मार्ग को यातायात के लिए बहाल नहीं करवा पाया है। नतीजतन, मार्ग के बहाल न हो पाने की सूरत में आधा दर्जन लोगों की गाड़ियां भी फंसी हुई हैं। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने वन विभाग से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर सड़क को यातायात के लिए बहाल करवाया जाए।
गौरतलब है कि सलूणी से किलोड़ तक वन विभाग की ओर से सड़क का निर्माण करवाया गया है। ऐसे में बीते दो माह बंद हुए मार्ग के बारे में लोनिवि को सूचित किया तो विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग वन विभाग के अधीन है। ऐसे में मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाना विभाग की ही जिम्मेदारी है। ऐसे में ग्रामीणों ने वन विभाग के आलाधिकारी से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाया जाए। सूरी पंचायत की प्रधान गीता देवी, उपप्रधान अजगर अली, खरल के पंचायत प्रधान माधो राम, उपप्रधान रविंद्र कुमार, किलोड़ प्रधान सपना शर्मा, किलोड़ उपप्रधान फारूख मोहम्मद सहित ग्रामीणों मौसमदीन, विपिन कुमार, योगराज, सुनील कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि सलूणी-किलोड़ जीप योग्य मार्ग से होकर सलूूूणी, खरल, सूरी और किलोड़ के ग्रामीणों की आवाजाही है। सड़क बंद होने से आधा दर्जन के करीब लोगों की गाड़ियां भी फंसी पड़ी हैं। लोनिवि के एसडीओ मनोज ने बताया कि सड़क विभाग के अधीन नहीं है। किसी प्रकार के प्रमाण पत्र उनके अधीन नहीं हैं। एसीएफ सुशील गुलेरिया ने बताया कि विभाग ने गिरे पेड़ों को कटवा दिया है। अति शीघ्र मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवा दिया जाएगा।
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किहार (चंबा)। सलूणी से किलोड़ के लिए बना 13 किलोमीटर जीप योग्य मार्ग दो माह से यातायात के लिए बंद पड़ा है। क्षेत्र में अत्यधिक बर्फबारी और भारी बारिश के कारण मार्ग पर पेड़ों के गिरने और जगह-जगह भूस्खलन होने से ही इस प्रकार की नौबत पेश आई है। हैरानी की बात तो यह है कि दो माह का समय बीत जाने के बावजूद वन विभाग मार्ग को यातायात के लिए बहाल नहीं करवा पाया है। नतीजतन, मार्ग के बहाल न हो पाने की सूरत में आधा दर्जन लोगों की गाड़ियां भी फंसी हुई हैं। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने वन विभाग से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर सड़क को यातायात के लिए बहाल करवाया जाए।
गौरतलब है कि सलूणी से किलोड़ तक वन विभाग की ओर से सड़क का निर्माण करवाया गया है। ऐसे में बीते दो माह बंद हुए मार्ग के बारे में लोनिवि को सूचित किया तो विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग वन विभाग के अधीन है। ऐसे में मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाना विभाग की ही जिम्मेदारी है। ऐसे में ग्रामीणों ने वन विभाग के आलाधिकारी से मांग की है कि प्राथमिकता के आधार पर मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाया जाए। सूरी पंचायत की प्रधान गीता देवी, उपप्रधान अजगर अली, खरल के पंचायत प्रधान माधो राम, उपप्रधान रविंद्र कुमार, किलोड़ प्रधान सपना शर्मा, किलोड़ उपप्रधान फारूख मोहम्मद सहित ग्रामीणों मौसमदीन, विपिन कुमार, योगराज, सुनील कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि सलूणी-किलोड़ जीप योग्य मार्ग से होकर सलूूूणी, खरल, सूरी और किलोड़ के ग्रामीणों की आवाजाही है। सड़क बंद होने से आधा दर्जन के करीब लोगों की गाड़ियां भी फंसी पड़ी हैं। लोनिवि के एसडीओ मनोज ने बताया कि सड़क विभाग के अधीन नहीं है। किसी प्रकार के प्रमाण पत्र उनके अधीन नहीं हैं। एसीएफ सुशील गुलेरिया ने बताया कि विभाग ने गिरे पेड़ों को कटवा दिया है। अति शीघ्र मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवा दिया जाएगा।
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