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कुलेठ गांव पर मंडराने लगे खतरे के बादल
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अमर उजाला ब्यूरो
होली (चंबा)। ग्राम पंचायत कुलेठ के गांव कुलेठ पर खतरे के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं। वर्ष 2002 में कुलेठ गांव के सामने से पहाड़ी दरकने से रावी तक का प्रवाह थम गया था। इसके बाद रावी का प्रवाह कुलेठ गांव की जमीन की तरफ हो गया था जिससे भूमि कटाव होना आरंभ हो गया था। तत्कालीन सरकार की ओर से आठ करोड़ की राशि गांव को बचाने के लिए स्वीकृत की गई थी। हैरानी की बात है कि इसके तहत बाकायदा लोनिवि की ओर से कुछ अदद प्रोटेक्शन वर्क भी आरंभ करवाया गया लेकिन, बाद में अधर में ही कार्य को बंद कर दिया गया। ऐसी विकट परिस्थिति में दिसंबर 2018 से होने वाली भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश के चलते गांव सहित गांव में स्थित पुराने ऐतिहासिक कार्तिक देव मंदिर के इर्द-गिर्द भी दरारें पड़ चुकी हैं। बहरहाल, यदि समय रहते गांव को बचाने के लिए कोई सख्त कदम न उठाए गए तो आने वाले समय में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। वहीं, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यथाशीघ्र यदि गांव को बचाने के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे सड़कों पर उतरने तक से गुरेज नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि कुलेठ गांव में सौ परिवार रहते हैं। बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी और बारिश के चलते ग्रामीणों के मकानों के इर्द-गिर्द अब दरारें पड़ गई हैं। इससे एक बार फिर से गांव खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों को अब जरा सी बारिश होने पर अनहोनी होने का ही अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों की मानें तो होली में आयोजित प्री-जनमंच के दौरान समस्या को जोर-शोर से उठाया गया था लेकिन, समस्या का निदान करने के बारे में कोई भी सकारात्मक कदम तक नहीं उठाए जा सके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान एक बार फिर से रावी का प्रवाह गांव की तरफ होने से रावी तट की तरफ फेंका गया मक बहने से भूमि कटाव हो रहा है। साथ ही गांव की जमीन भी धंसना शुरू हो गई है। कुल मिला कर कुलेठ गांवों के बाशिंदों को डर-डर कर ही रातें काटनी पड़ रही हैं।
कुलेठ पंचायत प्रधान शंकर दास ने बताया कि प्री-जनमंच के दौरान भी कुलेठ गांव की ज्वलंत समस्या को उठाया गया था लेकिन, इस समस्या पर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया है। यदि समस्या का शीघ्र हल नहीं निकाला गया तो वे सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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लोनिवि के अधिशासी अभियंता इंद्र ठाकुर उत्तम ने बताया कि प्रोटेक्शन वर्क के लिए जो धनराशि स्वीकृत हुई थी, उससे कार्य करवा दिया गया है। बहरहाल, एक बार फिर से प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर उचित कदम उठाए जाएंगे। भरमौर-पांगी विधायक जियालाल कपूर ने बताया कि क्रेट और डंगों का निर्माण कार्य करवाया जाएगा।
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होली (चंबा)। ग्राम पंचायत कुलेठ के गांव कुलेठ पर खतरे के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं। वर्ष 2002 में कुलेठ गांव के सामने से पहाड़ी दरकने से रावी तक का प्रवाह थम गया था। इसके बाद रावी का प्रवाह कुलेठ गांव की जमीन की तरफ हो गया था जिससे भूमि कटाव होना आरंभ हो गया था। तत्कालीन सरकार की ओर से आठ करोड़ की राशि गांव को बचाने के लिए स्वीकृत की गई थी। हैरानी की बात है कि इसके तहत बाकायदा लोनिवि की ओर से कुछ अदद प्रोटेक्शन वर्क भी आरंभ करवाया गया लेकिन, बाद में अधर में ही कार्य को बंद कर दिया गया। ऐसी विकट परिस्थिति में दिसंबर 2018 से होने वाली भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश के चलते गांव सहित गांव में स्थित पुराने ऐतिहासिक कार्तिक देव मंदिर के इर्द-गिर्द भी दरारें पड़ चुकी हैं। बहरहाल, यदि समय रहते गांव को बचाने के लिए कोई सख्त कदम न उठाए गए तो आने वाले समय में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। वहीं, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यथाशीघ्र यदि गांव को बचाने के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे सड़कों पर उतरने तक से गुरेज नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि कुलेठ गांव में सौ परिवार रहते हैं। बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी और बारिश के चलते ग्रामीणों के मकानों के इर्द-गिर्द अब दरारें पड़ गई हैं। इससे एक बार फिर से गांव खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों को अब जरा सी बारिश होने पर अनहोनी होने का ही अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों की मानें तो होली में आयोजित प्री-जनमंच के दौरान समस्या को जोर-शोर से उठाया गया था लेकिन, समस्या का निदान करने के बारे में कोई भी सकारात्मक कदम तक नहीं उठाए जा सके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान एक बार फिर से रावी का प्रवाह गांव की तरफ होने से रावी तट की तरफ फेंका गया मक बहने से भूमि कटाव हो रहा है। साथ ही गांव की जमीन भी धंसना शुरू हो गई है। कुल मिला कर कुलेठ गांवों के बाशिंदों को डर-डर कर ही रातें काटनी पड़ रही हैं।
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कुलेठ पंचायत प्रधान शंकर दास ने बताया कि प्री-जनमंच के दौरान भी कुलेठ गांव की ज्वलंत समस्या को उठाया गया था लेकिन, इस समस्या पर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया है। यदि समस्या का शीघ्र हल नहीं निकाला गया तो वे सड़कों पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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लोनिवि के अधिशासी अभियंता इंद्र ठाकुर उत्तम ने बताया कि प्रोटेक्शन वर्क के लिए जो धनराशि स्वीकृत हुई थी, उससे कार्य करवा दिया गया है। बहरहाल, एक बार फिर से प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर उचित कदम उठाए जाएंगे। भरमौर-पांगी विधायक जियालाल कपूर ने बताया कि क्रेट और डंगों का निर्माण कार्य करवाया जाएगा।