{"_id":"5a467a074f1c1b96368b76b2","slug":"161514568199-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस में आरक्षित सीटें मुहैया न करवाने पर परिचालक पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस में आरक्षित सीटें मुहैया न करवाने पर परिचालक पर होगी कार्रवाई
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:09 PM IST
विज्ञापन
HRTC
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले में पचास किमी की दूरी पर चलने वाली सरकारी और निजी बसों में चालीस प्रतिशत सीटें महिलाओं, कैंसर पीड़ितों और दिव्यांगों के लिए आरक्षित कर दी गई है। आरएम चंबा ने इस संबंध में निजी बस ऑपरेटरों और एचआरटीसी को निर्देश कर दिए हैं। ऐसा न करने पर परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि प्रदेश सरकार और विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर रखी है। मगर चंबा में इसकी अभी तक पालना नहीं हो रही है। इस संबंध में कई बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए परिवहन अधिकारी चंबा ने जिला के सभी निजी बस ऑपरेटरों और एचआरटीसी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि वह चंबा बस स्टैंड से 50 किमी और इससे अधिक दूरी पर जाने वाली बसों में चालीस प्रतिशत सीटें उपरोक्त लोगों को देना सुनिश्चित करें। इसकी जिम्मेवारी बस के परिचालक की होगी। ऐसा नहीं करने वाले परिचालकों पर विभाग कार्रवाई कर सकता है। परिवहन अधिकारी चंबा ने महिलाओं, कैंसर पीड़ितों और दिव्यांगों सहित 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों से अनुरोध किया है कि वह बस में सफर करते समय सीटों के लिए परिचालक से मांग करें। अगर परिचालक सीट उपलब्ध करवाने में आनाकानी करें। तो इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन और विभाग के टोल फ्री नंबर पर करें। यह नंबर हर बस पर लिखे गए हैं। शिकायत मिलने पर विभाग संबंधित परिचालक और बस ऑपरेटर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा। इसके अलावा विभाग आने वाले दिनों में उपरोक्त आरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक भी करेंगे। इसके अलावा जगह-जगह नाके लगाकर बसों की जांच की जाएगी। इस दौरान बस में सफर करने वाले दिव्यांगों, महिलाओं और कैंसर पीड़ित लोगों से सीटे मिलने को लेकर पूछताछ की जाएगी। अगर परिचालक के खिलाफ किसी ने शिकायत की, तो शिकायत के आधार पर परिचालक और बस ऑपरेटर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
नियमों की पालना न करने पर होगी कार्रवाई
आरटीओ चंबा ओंकार सिंह ने बताया कि पचास किमी से अधिक दूरी पर चलने वाली बसों में 40 प्रतिशत सीटें उपरोक्त लोगों के लिए आरक्षित हैं। परिचालक की जिम्मेवारी है कि वह उपरोक्त लोगों को सीटें उपलब्ध करवाएं।
विज्ञापन
चंबा। जिले में पचास किमी की दूरी पर चलने वाली सरकारी और निजी बसों में चालीस प्रतिशत सीटें महिलाओं, कैंसर पीड़ितों और दिव्यांगों के लिए आरक्षित कर दी गई है। आरएम चंबा ने इस संबंध में निजी बस ऑपरेटरों और एचआरटीसी को निर्देश कर दिए हैं। ऐसा न करने पर परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि प्रदेश सरकार और विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर रखी है। मगर चंबा में इसकी अभी तक पालना नहीं हो रही है। इस संबंध में कई बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए परिवहन अधिकारी चंबा ने जिला के सभी निजी बस ऑपरेटरों और एचआरटीसी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि वह चंबा बस स्टैंड से 50 किमी और इससे अधिक दूरी पर जाने वाली बसों में चालीस प्रतिशत सीटें उपरोक्त लोगों को देना सुनिश्चित करें। इसकी जिम्मेवारी बस के परिचालक की होगी। ऐसा नहीं करने वाले परिचालकों पर विभाग कार्रवाई कर सकता है। परिवहन अधिकारी चंबा ने महिलाओं, कैंसर पीड़ितों और दिव्यांगों सहित 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों से अनुरोध किया है कि वह बस में सफर करते समय सीटों के लिए परिचालक से मांग करें। अगर परिचालक सीट उपलब्ध करवाने में आनाकानी करें। तो इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन और विभाग के टोल फ्री नंबर पर करें। यह नंबर हर बस पर लिखे गए हैं। शिकायत मिलने पर विभाग संबंधित परिचालक और बस ऑपरेटर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा। इसके अलावा विभाग आने वाले दिनों में उपरोक्त आरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक भी करेंगे। इसके अलावा जगह-जगह नाके लगाकर बसों की जांच की जाएगी। इस दौरान बस में सफर करने वाले दिव्यांगों, महिलाओं और कैंसर पीड़ित लोगों से सीटे मिलने को लेकर पूछताछ की जाएगी। अगर परिचालक के खिलाफ किसी ने शिकायत की, तो शिकायत के आधार पर परिचालक और बस ऑपरेटर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
नियमों की पालना न करने पर होगी कार्रवाई
आरटीओ चंबा ओंकार सिंह ने बताया कि पचास किमी से अधिक दूरी पर चलने वाली बसों में 40 प्रतिशत सीटें उपरोक्त लोगों के लिए आरक्षित हैं। परिचालक की जिम्मेवारी है कि वह उपरोक्त लोगों को सीटें उपलब्ध करवाएं।
विज्ञापन