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कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना में मधुमक्खी पालन सीखेंगे बागवान
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भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर उपमंडल से विधायक जियालाल कपूर ने रविवार को 20 बागवानों के दल को कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के लिए रवाना किया। यह बागवान विश्वविद्यालय में 8 जुलाई से 12 जुलाई तक मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण हासिल करेंगे। इस मौके पर विधायक जियालाल कपूर ने कहा कि जो बागवान और किसान मधुमक्खी पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं, उन्हें उद्यान विभाग ने मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के तहत 80 प्रतिशत अनुदान दर पर मौन गृह मौन वंश के साथ दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बागवानों को अधिक से अधिक 50 मौन गृह मौन वंश के साथ देने का प्रावधान है। विषय वस्तु विशेषज्ञ उद्यान एसएस चंदेल ने बताया कि इस क्षेत्र में मौन पालन व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं। यहां की अनुकूल जलवायु के कारण उगने वाले अनेकों किस्म के फूलों का मधु बहुत ही गुणकारी है, विशेषकर छिछड़ी के पौधे (पलेनथस वैरायटी) के फूल क मधु बहुत ही गुणकारी जिसकी मेडिसिनल वैल्यू भी बहुत ज्यादा है और बाजार में मांग भी अधिक है।
उन्होंने कहा कि इस पौधे का फूल अगस्त और सितंबर माह में खिलता है और इसका मधु सभी प्रकार के शहद से उत्तम पाया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस व्यवसाय को अपनाना चाहिए और अपनी आर्थिकी को मजबूत बनाएं। इस मौके पर एचडीओ उद्यान संजीव नरयाल और बागबान और किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बागवानों को अधिक से अधिक 50 मौन गृह मौन वंश के साथ देने का प्रावधान है। विषय वस्तु विशेषज्ञ उद्यान एसएस चंदेल ने बताया कि इस क्षेत्र में मौन पालन व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं। यहां की अनुकूल जलवायु के कारण उगने वाले अनेकों किस्म के फूलों का मधु बहुत ही गुणकारी है, विशेषकर छिछड़ी के पौधे (पलेनथस वैरायटी) के फूल क मधु बहुत ही गुणकारी जिसकी मेडिसिनल वैल्यू भी बहुत ज्यादा है और बाजार में मांग भी अधिक है।
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उन्होंने कहा कि इस पौधे का फूल अगस्त और सितंबर माह में खिलता है और इसका मधु सभी प्रकार के शहद से उत्तम पाया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस व्यवसाय को अपनाना चाहिए और अपनी आर्थिकी को मजबूत बनाएं। इस मौके पर एचडीओ उद्यान संजीव नरयाल और बागबान और किसान मौजूद रहे।
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