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खुशनगरी पंचायत के आधा दर्जन गांव सड़क सुविधा से महरूम
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तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत खुशनगरी के आधा दर्जन गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। इसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर वह कई बार सरकार और विभाग से मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक कहीं से भी सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनावों के दौरान नेता इन गांवों को सड़क से जोड़ने के दावे करते हैं। लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद नेता गांवों का रुख तक नहीं करते।
जानकारी के अनुसार पंचायत खुशनगरी के गांव टटरोग-प्रथम, टटरोग-2, जटवाणी, मटअंग, बरियाहड़ और लाल लेहतर के ग्रामीणों को सड़क नसीब नहीं हो पाई है। ऐसे में इन गांवों की करीब एक हजार आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में वर्ष 2018 में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। इस दौरान प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था। मगर आज दिन तक सड़क निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सड़क तक पहुंचने के लिए कई किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी मरीज और गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में आती है।
मरीजों को पालकी पर उठाकर पैदल चलने के बाद मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। ग्राम पंचायत उपप्रधान जावेद खान, गुलाम मोहमद, नूर मोहम्मद, हसन दीन, शमश दीन, लतीफ, मजीद खान, खैर मोहमद, रमजान और याकूब खान ने बताया कि सड़क बनने से पंचायत के आधा दर्जन गांव के लोगों को फायदा मिलेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द खुशनगरी पंचायत के गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। जिससे उन्हें राहत मिल सके।
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जानकारी के अनुसार पंचायत खुशनगरी के गांव टटरोग-प्रथम, टटरोग-2, जटवाणी, मटअंग, बरियाहड़ और लाल लेहतर के ग्रामीणों को सड़क नसीब नहीं हो पाई है। ऐसे में इन गांवों की करीब एक हजार आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में वर्ष 2018 में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। इस दौरान प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था। मगर आज दिन तक सड़क निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सड़क तक पहुंचने के लिए कई किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी मरीज और गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में आती है।
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मरीजों को पालकी पर उठाकर पैदल चलने के बाद मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। ग्राम पंचायत उपप्रधान जावेद खान, गुलाम मोहमद, नूर मोहम्मद, हसन दीन, शमश दीन, लतीफ, मजीद खान, खैर मोहमद, रमजान और याकूब खान ने बताया कि सड़क बनने से पंचायत के आधा दर्जन गांव के लोगों को फायदा मिलेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द खुशनगरी पंचायत के गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। जिससे उन्हें राहत मिल सके।
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