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चंबा मेडिकल कॉलेज में डेंटल सर्जन एमरजेंसी वार्ड में दे रहे सेवाएं

Tue, 14 Nov 2017 10:22 PM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:22 PM IST
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चंबा मेडिकल कॉलेज में डेंटल सर्जन एमरजेंसी वार्ड में दे रहे सेवाएं
चंबा मेडिकल कॉलेज में डेंटल सर्जन इमरजेंसी वार्ड में दे रहे सेवाएं
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नियमों को ताक पर रखकर मरीजों के स्वास्थ्य से किया जा रहा खिलवाड़
एमएस ने प्राचार्य और स्वास्थ्य निदेशक को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के अपातकालीन वार्ड में डेंटल सर्जन की सेवाएं दे रहे हैं। इस तरह से अस्पताल प्रशासन यहां जिला के विभिन्न सीएचसी और पीएचसी से रेफर होकर आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। हैरानी इस बात की है कि एमएस की आपत्ति के बावजूद इंमरजेंसी वार्ड में डेंटल सर्जन की सेवाएं ली जा रही है जबकि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं है। कॉलेज में वर्तमान में करीब 70 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। बावजूद इसके ऐसा क्यों किया जा रहा है इसको लेकर चिकित्सक भी हैरान हैं। पूरे मामले को लेकर प्रबंधन ने स्वास्थ्य निदेशक और प्राचार्य को बाकायदा पत्र भी लिखा है। बावजूद इसके डेंटल सर्जन की दिन और रात दोनों समय ड्यूटी लगाई जा रही है जो कि किसी भी मरीज की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। नियमों के मुताबिक भी डेंटल सर्जन की आपातकालीन विभाग में ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है। इसकी वजह यह है कि इमरजेंसी वार्ड में जिला भर से गंभीर रूप से बीमार और घायल मरीजों को उपचार के लिए जाया जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही किसी भी मरीज की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। बावजूद इसके प्रबंधन इस संबंध में लापरवाही बरत रहा है।

हर रोज 150 मरीज आते हैं उपचार के लिए
चंबा मेडिकल कॉलेज में जिला की विभिन्न पीएचसी और सीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से हर रोज 150 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं या फिर रेफ किए जाते हैं। इसमें गंभीर रूप से घायल और बीमार मरीज शामिल होते हैं, जिन्हें फौरन उचित उपचार की जरूरत होती है। जिला में वैसे भी भालुओं के हमलों में घायल और विभिन्न दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या अधिक है। ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों की जिम्मेेदारी और बढ़ जाती है। बावजूद इसके इस संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है।
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डेंटल सर्जन इमरजेंसी वार्ड में नहीं दे सकते ड्यूटी: स्वास्थ्य निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक बलदेव ठाकुर ने बताया कि डेंटल सर्जन की सेवाएं इमरजेंसी केस आने पर ली जा सकती हैं। नियमित सेवाओं के लिए उनकी ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती है।
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