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शिक्षित होगी नारी तभी सशक्त होगा समाज
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय चंबा के मुगला सर्कल में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि आंगनबाड़ी वर्कर सीमा कोमराय मौजूद रहीं। वहीं, आंगनबाड़ी वर्कर आराधना वशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। मुख्यातिथि आंगनबाड़ी वर्कर सीमा कोमराय ने अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम को महिला उत्थान, संरक्षण के लिए बेहतरीन पग बताते हुए भविष्य में कार्यक्रम के ऊंचे शिखर तक पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से महिलाओं के उत्थान और उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने में अहम भूमिका अदा कर रहा है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों को ऑनलाइन किया गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी वर्करों को एंड्रायड मोबाइल फोन चलाना सिखाया जा रहा है। इसके अलावा आईसीडीएस के तहत वर्करों को आंगनबाड़ी केंद्र में रहने वाले 11 रजिस्टरों की पूरी जानकारी रोजाना विभागीय साइट पर अपडेट करने बारे प्रशिक्षण दिया गया है। बहरहाल, अब देश के किसी भी कोने से एक क्लिक पर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र का किसी प्रकार का भी ब्योरा देखा जा सकता है। कहा कि हरेक माता-पिता को अपने बच्चों विशेषकर बेटियों को शिक्षा ग्रहण करवा कर उनके उज्जवल भविष्य को साकार करने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। तभी जाकर एक सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है।
आंगनबाड़ी वर्कर अराधना ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। अब धीरे-धीरे महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल रही हैं। वर्तमान समय में महिलाएं उच्च पदों पर विराजमान हैं। चंबा जिला में इसके प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। कहा कि पुलिस अधीक्षक चंबा डॉ. मोनिका, एसडीएम चंबा दीप्ति मंढ़ोत्रा इसका प्रमुख उदाहरण हैं। आज की महिलाएं घर-परिवार के अलावा देश चलाने में भी आगे हैं। कहा कि आईसीडीएस के तहत भी महिलाओं, बच्चियों को विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को पोषक तत्वयुक्त भोजन के साथ-साथ नियमित तौर पर फलों का सेवन भी करना चाहिए। साथ ही बच्चों को मोबाइल, टीवी के अलावा बाहरी खेलकूद प्रतिर्स्पधाओं में भाग लेने बारे प्रेरित करना चाहिए। जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।
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चंबा। महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय चंबा के मुगला सर्कल में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि आंगनबाड़ी वर्कर सीमा कोमराय मौजूद रहीं। वहीं, आंगनबाड़ी वर्कर आराधना वशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। मुख्यातिथि आंगनबाड़ी वर्कर सीमा कोमराय ने अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम को महिला उत्थान, संरक्षण के लिए बेहतरीन पग बताते हुए भविष्य में कार्यक्रम के ऊंचे शिखर तक पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से महिलाओं के उत्थान और उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने में अहम भूमिका अदा कर रहा है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों को ऑनलाइन किया गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी वर्करों को एंड्रायड मोबाइल फोन चलाना सिखाया जा रहा है। इसके अलावा आईसीडीएस के तहत वर्करों को आंगनबाड़ी केंद्र में रहने वाले 11 रजिस्टरों की पूरी जानकारी रोजाना विभागीय साइट पर अपडेट करने बारे प्रशिक्षण दिया गया है। बहरहाल, अब देश के किसी भी कोने से एक क्लिक पर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र का किसी प्रकार का भी ब्योरा देखा जा सकता है। कहा कि हरेक माता-पिता को अपने बच्चों विशेषकर बेटियों को शिक्षा ग्रहण करवा कर उनके उज्जवल भविष्य को साकार करने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। तभी जाकर एक सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है।
आंगनबाड़ी वर्कर अराधना ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। अब धीरे-धीरे महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल रही हैं। वर्तमान समय में महिलाएं उच्च पदों पर विराजमान हैं। चंबा जिला में इसके प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। कहा कि पुलिस अधीक्षक चंबा डॉ. मोनिका, एसडीएम चंबा दीप्ति मंढ़ोत्रा इसका प्रमुख उदाहरण हैं। आज की महिलाएं घर-परिवार के अलावा देश चलाने में भी आगे हैं। कहा कि आईसीडीएस के तहत भी महिलाओं, बच्चियों को विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को पोषक तत्वयुक्त भोजन के साथ-साथ नियमित तौर पर फलों का सेवन भी करना चाहिए। साथ ही बच्चों को मोबाइल, टीवी के अलावा बाहरी खेलकूद प्रतिर्स्पधाओं में भाग लेने बारे प्रेरित करना चाहिए। जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।
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