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भूस्खलन की जद में आया सकलोगा गांव, खौफ में ग्रामीण
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अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत खुशनगरी का सकलोग गांव भूस्खलन की जद में आ गया है। भूस्खलन के कारण गांव कभी भी ध्वस्त हो सकता है। इस वजह से गांव के बाशिंदे खौफ में जीने को मजबूर हैं। लोगों ने बताया कि गांव के निचली तरफ बड़े पैमाने पर हो रहे भूस्खलन के कारण कई घरों में दरारें तक आ चुकी है। ऐसे में अगर भूस्खलन आने वाले समय में भी जारी रहता है तो इससे पूरे गांव पर खतरा मंडरा सकता है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद गांव को भूस्खलन के खतरे से बचाने के लिए कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले प्रशासन से भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की गुहार लगाई है। इसको देखते हुए एसडीएम ने विकास खंड अधिकारी तीसा को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे। विकास खंड कार्यालय की ओर से कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेजा गया। यहां सनुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई। नुकसान रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद अभी तक ग्रामीणों को कोई राहत नहीं दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कोई समाधान न निकाला गया तो ग्रामीणों के घर भूस्खलन के मलबे तले दब जाएंगे।
भूस्खलन गांव से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पहुंच चुका है। गौरतलब है कि सर्दियों में भारी बर्फबारी और बारिश हुई है। इस कारण सकलोग गांव में लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे ग्रामीण डर के साये में दिन और रातें काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द उचित सहायता प्रदान की जाए।
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एसडीएम तीसा हेम चंद वर्मा का कहना है कि सकलोग गांव की समस्या उनके ध्यान में हैं। उन्होंने कहा कि गांव को सुरक्षित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन इस बारे में गंभीर है। ग्रामीणों की हर संभव सहायता की जाएगी।
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तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत खुशनगरी का सकलोग गांव भूस्खलन की जद में आ गया है। भूस्खलन के कारण गांव कभी भी ध्वस्त हो सकता है। इस वजह से गांव के बाशिंदे खौफ में जीने को मजबूर हैं। लोगों ने बताया कि गांव के निचली तरफ बड़े पैमाने पर हो रहे भूस्खलन के कारण कई घरों में दरारें तक आ चुकी है। ऐसे में अगर भूस्खलन आने वाले समय में भी जारी रहता है तो इससे पूरे गांव पर खतरा मंडरा सकता है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद गांव को भूस्खलन के खतरे से बचाने के लिए कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले प्रशासन से भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की गुहार लगाई है। इसको देखते हुए एसडीएम ने विकास खंड अधिकारी तीसा को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे। विकास खंड कार्यालय की ओर से कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेजा गया। यहां सनुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई। नुकसान रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद अभी तक ग्रामीणों को कोई राहत नहीं दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कोई समाधान न निकाला गया तो ग्रामीणों के घर भूस्खलन के मलबे तले दब जाएंगे।
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भूस्खलन गांव से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पहुंच चुका है। गौरतलब है कि सर्दियों में भारी बर्फबारी और बारिश हुई है। इस कारण सकलोग गांव में लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे ग्रामीण डर के साये में दिन और रातें काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द उचित सहायता प्रदान की जाए।
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एसडीएम तीसा हेम चंद वर्मा का कहना है कि सकलोग गांव की समस्या उनके ध्यान में हैं। उन्होंने कहा कि गांव को सुरक्षित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन इस बारे में गंभीर है। ग्रामीणों की हर संभव सहायता की जाएगी।