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भूस्खलन की जद में आया सोंठा गांव, खाली करवाया
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अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। भूस्खलन की जद में आने से ग्राम पंचायत किहार के सोंठा गांव को खाली करवा दिया गया है। गांव में भूस्खलन का मलबा भर चुका है। मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गांव में रहने वाले छह परिवारों को दूसरे गांव में रिश्तेदारों के घरों में पनाह लेनी पड़ी है। हालांकि, प्रशासन उनके लिए रहने का इंतजाम करने की व्यवस्था करने में जुटा है। जब तक प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं हो जाती, इन परिवारों को अपने रिश्तेदारों के घरों में ही पनाह लेनी होगी। गनीमत यह रही कि भूस्खलन की वजह से अभी तक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
वीरवार सुबह के समय भारी बारिश के चलते गांव के पास भूस्खलन हुआ। भूस्खलन का सारा मलबा और पत्थर गांव के पास गिरने लगे। इससे पंचायत प्रतिनिधियों ने वहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरे गांव में शिफ्ट करवा दिया। साथ ही घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को भी दे दी। प्रशासन ने संबंधित पटवारी को गांव का मौका करने के निर्देश जारी किए हैं। पंचायत प्रधान बेबी मांगरा ने बताया कि भूस्खलन होने से प्यारदीन, महबूब, युनिस, फतेह मोहम्मद, पिंकू और गुलामदीन के घर चपेट में आए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है। कहा कि पंचायत के दड़गा और ढांडू गांव को भी भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है, जिन्हें कभी भी खाली करवाया जा सकता है।
एसडीएम सूलणी विजय कुमार धीमान ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। नायब तहसीलदार और पटवारी को मौका करने के लिए भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही उनके रहने और राशन की भी पूरी व्यवस्था की जाएगी।
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सलूणी (चंबा)। भूस्खलन की जद में आने से ग्राम पंचायत किहार के सोंठा गांव को खाली करवा दिया गया है। गांव में भूस्खलन का मलबा भर चुका है। मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गांव में रहने वाले छह परिवारों को दूसरे गांव में रिश्तेदारों के घरों में पनाह लेनी पड़ी है। हालांकि, प्रशासन उनके लिए रहने का इंतजाम करने की व्यवस्था करने में जुटा है। जब तक प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं हो जाती, इन परिवारों को अपने रिश्तेदारों के घरों में ही पनाह लेनी होगी। गनीमत यह रही कि भूस्खलन की वजह से अभी तक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
वीरवार सुबह के समय भारी बारिश के चलते गांव के पास भूस्खलन हुआ। भूस्खलन का सारा मलबा और पत्थर गांव के पास गिरने लगे। इससे पंचायत प्रतिनिधियों ने वहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूसरे गांव में शिफ्ट करवा दिया। साथ ही घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को भी दे दी। प्रशासन ने संबंधित पटवारी को गांव का मौका करने के निर्देश जारी किए हैं। पंचायत प्रधान बेबी मांगरा ने बताया कि भूस्खलन होने से प्यारदीन, महबूब, युनिस, फतेह मोहम्मद, पिंकू और गुलामदीन के घर चपेट में आए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है। कहा कि पंचायत के दड़गा और ढांडू गांव को भी भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है, जिन्हें कभी भी खाली करवाया जा सकता है।
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एसडीएम सूलणी विजय कुमार धीमान ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। नायब तहसीलदार और पटवारी को मौका करने के लिए भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही उनके रहने और राशन की भी पूरी व्यवस्था की जाएगी।
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