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अब देखभाल करने वाला व्यक्ति नहीं बेच पाएगा बेसहारा बच्चों की संपत्ति
Updated Mon, 26 Feb 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। जिले के बेसहारा बच्चों की संपत्ति को अब उनकी देखभाल करने वाला व्यक्ति नहीं बेच पाएगा। राजस्व विभाग ने अब तक 176 बेसहारा बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित कर लिया है। इससे बेसहारा बच्चों के बालिग होने तक उनकी संपत्ति के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हो पाएगी। जबकि मात्र 57 बेसहारा बच्चों की संपत्ति सुरक्षित करना शेष है। ऐसे में अब इन बेसहारा बच्चों की संपत्ति को कोई भी देखभाल करने वाला व्यक्ति बेच नहीं पाएगा। जब तक बेसहारा बच्चें की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं हो जाती। खबर की पुष्टि जिला बाल संरक्षण इकाई अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने की है। गौरतलब है कि पिछले काफी समय से बेसहारा बच्चों की संपत्ति सुरक्षित करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई प्रयास कर रही थी। मगर राजस्व विभाग की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। खबर का असर यह रहा कि मात्र पांच माह में भी 176 बेसहारा बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित कर लिया गया है। जबकि शेष बच्चों की संपत्ति को भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
तहसीलवार अब शेष रहे इतने मामले
तहसील चंबा में 19, सलूणी में 15, भटियात में 11, धरवाला में छह, पांगी में तीन, भरमौर में एक और चुराह तहसील में दो बेसहारा बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित करना शेष रहा है। जिला बाल संरक्षण इकाई अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि 176 बेसहारा बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित राजस्व विभाग ने कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब मात्र 57 बेसहारा बच्चों की संपत्ति सुरक्षित होना शेष रह गई है।
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