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एनएचपीसी को पुलों की मुरम्मत न करने पर जारी होंगे नोटिस
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनएचपीसी को पुलों की मरम्मत ना करने को लेकर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नोटिस जारी करेगा। उपायुक्त सुदेश मोख्टा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें चिंता जाहिर की गई कि एनएचपीसी के बनाए गए पुल जर्जर हो चुके हैं, मगर एनएचपीसी उनकी मरम्मत नहीं कर रहा है। उपायुक्त ने कहा कि एनएचपीसी को यह भरोसा भी दिया गया था की मरम्मत के कार्य में खर्च होने वाली धनराशि में जिला प्रशासन भी सहयोग करेगा। इसके बावजूद एनएचपीसी ने अभी तक पुलों की मरम्मत के कार्य को अंजाम नहीं दिया है। नतीजतन, दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना हुआ है। इन पुलों में रावी नदी पर बना बालू पुल और चमेरा-1 का लाल पुल भी शामिल है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि अगर इसके बावजूद एनएचपीसी ने इन पुलों की मरम्मत को नहीं किया तो उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जा सकती है।
बर्फबारी से निपटने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने आगामी सर्दी के सीजन के दौरान विशेषकर बिजली, पेयजल और सड़कों को बहाल रखने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि तीनों विभाग इस संबंध में अपनी-अपनी रिपोर्ट जल्द जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपे। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग यह रिपोर्ट करे कि बर्फबारी के दौरान कौन-कौन सी सड़कें बाधित होती हैं और उन्हें बहाल करने के लिए भी अपनी योजना बनाकर रखें। इसी तरह सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग उन पेयजल योजनाओं की सूची तैयार करे जो बर्फबारी के दौरान टूट सकती हैं या अत्यधिक पारा गिरने से जम जाती हैं। उन्होंने बिजली बोर्ड को उन क्षेत्रों की मैपिंग करने के लिए भी कहा जहां बर्फबारी के दौरान ट्रांसमिशन लाइनें टूटने की वजह से कई-कई दिनों तक बिजली बहाल नहीं होती है। उन्होंने निर्देश दिए की पूर्व के अनुभवों के आधार पर उन क्षेत्रों के लिए बिजली बोर्ड आपदा प्रबंधन के आधार कार्य योजना बनाकर रखे और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी इसकी सूचना दे। जिले की आपदा प्रबंधन को लेकर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेष तौर से लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड और सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला अधिकारियों की गैर मौजूदगी का संज्ञान लेते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ने कहा कि इस महत्वपूर्ण बैठक से गैर हाजिर रहने वाले अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाएगा और उच्च अधिकारियों के ध्यान में भी इस बात को लाया लाया जाएगा। बैठक के दौरान जिले के स्वास्थ्य संस्थानों और एसडीएम के कार्यालयों में रखे गए उन जनरेटर सेटों को भी चालू करने के निर्देश दिए गए जो लंबे समय से कार्यशील नहीं है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली ना होने की सूरत में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था रखने की हिदायत भी स्वास्थ्य विभाग को दी।
कबाइली क्षेत्रों के अधिकारी अवकाश पर जाने से पहले करें सूचित
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह फैसला भी लिया कि कबायली क्षेत्र भरमौर और पांगी के प्रशासनिक अधिकारी सर्दी के सीजन के दौरान अवकाश पर जाने से पहले इसकी सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष को देना सुनिश्चित करेंगे। इससे सर्दी के सीजन के दौरान किसी भी तरह की आपदा की परिस्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी क्षेत्र में बनी रहे। प्राधिकरण की बैठक में जिले के सभी पुलिस थानों को स्ट्रेचर के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़े कुछ अन्य उपकरण भी मुहैया करने का फैसला हुआ। बैठक के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष धर्म सिंह पठानिया, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र तोमर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी बलबीर ठाकुर के अलावा जिले के एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
चंबा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनएचपीसी को पुलों की मरम्मत ना करने को लेकर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नोटिस जारी करेगा। उपायुक्त सुदेश मोख्टा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें चिंता जाहिर की गई कि एनएचपीसी के बनाए गए पुल जर्जर हो चुके हैं, मगर एनएचपीसी उनकी मरम्मत नहीं कर रहा है। उपायुक्त ने कहा कि एनएचपीसी को यह भरोसा भी दिया गया था की मरम्मत के कार्य में खर्च होने वाली धनराशि में जिला प्रशासन भी सहयोग करेगा। इसके बावजूद एनएचपीसी ने अभी तक पुलों की मरम्मत के कार्य को अंजाम नहीं दिया है। नतीजतन, दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना हुआ है। इन पुलों में रावी नदी पर बना बालू पुल और चमेरा-1 का लाल पुल भी शामिल है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि अगर इसके बावजूद एनएचपीसी ने इन पुलों की मरम्मत को नहीं किया तो उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जा सकती है।
बर्फबारी से निपटने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने आगामी सर्दी के सीजन के दौरान विशेषकर बिजली, पेयजल और सड़कों को बहाल रखने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि तीनों विभाग इस संबंध में अपनी-अपनी रिपोर्ट जल्द जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपे। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग यह रिपोर्ट करे कि बर्फबारी के दौरान कौन-कौन सी सड़कें बाधित होती हैं और उन्हें बहाल करने के लिए भी अपनी योजना बनाकर रखें। इसी तरह सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग उन पेयजल योजनाओं की सूची तैयार करे जो बर्फबारी के दौरान टूट सकती हैं या अत्यधिक पारा गिरने से जम जाती हैं। उन्होंने बिजली बोर्ड को उन क्षेत्रों की मैपिंग करने के लिए भी कहा जहां बर्फबारी के दौरान ट्रांसमिशन लाइनें टूटने की वजह से कई-कई दिनों तक बिजली बहाल नहीं होती है। उन्होंने निर्देश दिए की पूर्व के अनुभवों के आधार पर उन क्षेत्रों के लिए बिजली बोर्ड आपदा प्रबंधन के आधार कार्य योजना बनाकर रखे और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी इसकी सूचना दे। जिले की आपदा प्रबंधन को लेकर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेष तौर से लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड और सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला अधिकारियों की गैर मौजूदगी का संज्ञान लेते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ने कहा कि इस महत्वपूर्ण बैठक से गैर हाजिर रहने वाले अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाएगा और उच्च अधिकारियों के ध्यान में भी इस बात को लाया लाया जाएगा। बैठक के दौरान जिले के स्वास्थ्य संस्थानों और एसडीएम के कार्यालयों में रखे गए उन जनरेटर सेटों को भी चालू करने के निर्देश दिए गए जो लंबे समय से कार्यशील नहीं है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली ना होने की सूरत में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था रखने की हिदायत भी स्वास्थ्य विभाग को दी।
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कबाइली क्षेत्रों के अधिकारी अवकाश पर जाने से पहले करें सूचित
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह फैसला भी लिया कि कबायली क्षेत्र भरमौर और पांगी के प्रशासनिक अधिकारी सर्दी के सीजन के दौरान अवकाश पर जाने से पहले इसकी सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष को देना सुनिश्चित करेंगे। इससे सर्दी के सीजन के दौरान किसी भी तरह की आपदा की परिस्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी क्षेत्र में बनी रहे। प्राधिकरण की बैठक में जिले के सभी पुलिस थानों को स्ट्रेचर के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़े कुछ अन्य उपकरण भी मुहैया करने का फैसला हुआ। बैठक के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष धर्म सिंह पठानिया, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र तोमर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी बलबीर ठाकुर के अलावा जिले के एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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