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बगीचों को संजीवनी की जगह जमींदोज कर गई बर्फ
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अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। चुराह के चार हजार बागवानों को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। चुराह में दस हजार सेब के पेड़ भारी बर्फबारी की वजह से जमीन से उखड़ कर पूरी तरह तबाह हो गए। जबकि, बारह हजार सेब के पेड़ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिस बर्फबारी को बागवान अपने सेब के पौधों के लिए संजीवनी समझ रहे थे उसी बर्फबारी ने सेब के बगीचे तबाह कर दिए। इसकी वजह से हजारों बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। चुुराह में सीजन की चौथी बर्फबारी होने से जहां लोगों का जीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया वहीं सेब के बगीचों पर भी इसका बुरा असर पड़ा। चार से पांच फीट तक बर्फबारी होने से सेब के पेड़ बर्फ के भारी से धराशायी हो गए। जबकि, सैकड़ों पेड़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जो बागवान पूरी तरह अपनी आर्थिकी के लिए सेब की फसल पर निर्भर हैं उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करने की चिंता सताने लगी है क्योंकि सेब की फसल न होने से वे अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित बागवानों को जल्द सहायता राशि प्रदान की जाए। बागवानों की रोजी रोटी सेब की फसल पर निर्भर होती है। उधर, उद्यान विभाग के एचडीओ अलयक्ष पठानिया ने बताया कि चुराह में बर्फबारी से सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। डेढ़ करोड़ के करीब नुकसान आंका गया है। विभाग प्रभावित बागवानों को हरसंभव मदद देने का प्रयास करेगा।
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तीसा (चंबा)। चुराह के चार हजार बागवानों को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। चुराह में दस हजार सेब के पेड़ भारी बर्फबारी की वजह से जमीन से उखड़ कर पूरी तरह तबाह हो गए। जबकि, बारह हजार सेब के पेड़ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिस बर्फबारी को बागवान अपने सेब के पौधों के लिए संजीवनी समझ रहे थे उसी बर्फबारी ने सेब के बगीचे तबाह कर दिए। इसकी वजह से हजारों बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। चुुराह में सीजन की चौथी बर्फबारी होने से जहां लोगों का जीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया वहीं सेब के बगीचों पर भी इसका बुरा असर पड़ा। चार से पांच फीट तक बर्फबारी होने से सेब के पेड़ बर्फ के भारी से धराशायी हो गए। जबकि, सैकड़ों पेड़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जो बागवान पूरी तरह अपनी आर्थिकी के लिए सेब की फसल पर निर्भर हैं उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करने की चिंता सताने लगी है क्योंकि सेब की फसल न होने से वे अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित बागवानों को जल्द सहायता राशि प्रदान की जाए। बागवानों की रोजी रोटी सेब की फसल पर निर्भर होती है। उधर, उद्यान विभाग के एचडीओ अलयक्ष पठानिया ने बताया कि चुराह में बर्फबारी से सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। डेढ़ करोड़ के करीब नुकसान आंका गया है। विभाग प्रभावित बागवानों को हरसंभव मदद देने का प्रयास करेगा।