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ग्रामीणों ने घरों से बाहर रात भर दहशत में गुजारी रात
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:02 PM IST
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बादल फटने के बाद बघेईगढ़ नाले को जान जोखिम में डाल पार करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पवन शर्मा
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चांजू(चंबा)। ग्राम पंचायत बघेईगढ़ के कठवाड़ नाले में मंगलवार रात बादल फटने के बाद क्षेत्र के लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर खौफ के साये में गुजारी। सुबह देखा तो चारों और तबाही का मंजर था। सड़क, घराट और जमीन बह चुकी थी तो वहीं कई घरों को भी नुकसान पहुंचा था। बादल फटने से चार पंचायतों की दस हजार की आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा चुका है। लोगों ने बताया कि देर रात तेज बारिश हो रही थी। अचानक देर रात ढाई बजे घरों के बादल फटने की गर्जना के बाद घरों के पंखे और झुमर हिलने लगे। लोगों ने पहले सोचा की भूकंप आया और वह जान बचाने के लिए घरों से बाहर की ओर भागे।
मगर थोड़ी देर में ही उन्हें अहसास हो गया कि बादल फटने से बघेईगढ़ और कठवाड़ नाले ने कहर बरपा दिया है। लोगों को डर था कहीं पहाड़ी से भी भूस्खलन न हो। इस वजह से वह सारी रात बाहर की बैठे रहे। इस दौरान लगातार आसमान से पानी बरसता रहा। सुबह होने पर पता चला कि चारो ओर तबाही बरपी है। मक्की की फसल लगे खेत बह चुके थे। कठवाड़ नाले में बादल फटने से बघेईगढ़, चरड़ा, चांजू, देहरा की करीबन दस हजार की आबादी का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इसका मुख्य कारण कठवाड़ नाले से होकर गुजरने वाली सड़क का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो जाना है। सड़क के बहने से ग्रामीणों, सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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लकड़ी के डंडे रखकर बनाया अस्थायी पुल
वहीं, दोपहर बाद कडवाड़ नाले में जलस्तर कुछ हद तक कम होने पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाले को पार करते दिखे। कठवाड़ नाले में बादल फटने की सूचना स्थानीय पंचायत प्रधान ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी, कानूनगो और एसडीएम को दी। इसके बाद दोपहर के समय प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद लोगों को कठवाड़ नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने के लिए लकड़ी के तीन डंडे डाल कर अस्थायी तरंगड़ी का निर्माण करवाया गया। लोनिवि के मजदूरों के इस कार्य में कठवाड़ नव जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने मिलकर अस्थायी पुली का निर्माण करवाया। इसके बाद एक-दूसरे को पकड़ कर लोगों ने तरंगड़ी को पार किया। वहीं, एसडीएम तीसा की मानें तो लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए नाले के दोनों छोरों से ही वाहनों की अदला-बदली करने की व्यवस्था की जा रही है। ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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कंगेला स्कूल में दो दिन अवकाश, परीक्षा देने नहीं पहुंच सके बेघेईगढ़ के विद्यार्थी
बादल फटने से कठवाड़ नाले में बढ़े जलस्तर से अनभिज्ञ गांवों के जमा एक और जमा दो के विद्यार्थी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में परीक्षा देने के लिए कठवाड़ नाले पर बनी पुली के पास पहुंचें। मगर तीनों पुलियों के नाले में बढ़े जलस्तर की भेंट चढ़ चुकी थी। नाला पार करने के लिए कोई अन्य विकल्प न होने की सूरत में विद्यार्थियों को निराश होकर लौटना पड़ा। वहीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कंगेला में बघेईगढ़ से अध्यापकों और विद्यार्थियों के न पहुंचने की वजह से बंद ही रही। वहीं, शासन-प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रशासन दो दिनों के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला कंगेला में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जबकि, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कंगेला में तैनात अध्यापकों को राजकीय प्राथमिक पाठशाला बघेईगढ़ में ही सेवाएं देने के बारे निर्देश जारी किए गए हैं।