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Chamba News: रैली निकाल कर गरजे 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी
Fri, 26 Dec 2025 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 26 Dec 2025 10:49 PM IST
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चंबा में रैली निकाल प्रदर्शन करते 108 और 102 एंबूलेंस कर्मचारी।संवाद
चंबा। सीटू के बैनर तले 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर चाैगान नंबर पांच से लेकर उपायुक्त कार्यालय गेट के बाहर तक रोष रैली निकाली। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
इस दौरान सीटू के महासचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता है। इन कर्मचारियों से 12 घंटे ड्यूटी करवाई जाती है। उन्हें ओवरटाइम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला द्वारा और श्रम कार्यालय के आदेशों के बावजूद भी कई वर्षों से इन कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। जब मजदूर यूनियन के माध्यम से मांगों के समाधान के लिए आवाज बुलंद करते हैं तो उन्हें मानसिक तौर से प्रताड़ित किया जाता है। यूनियन के नेतृत्वकारी कर्मचारियों का या तो तबादला कर दिया जाता है। या फिर उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित करके नौकरी से त्यागपत्र देने के लिए मजबूर किया जाता है।
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कई कर्मचारियों को बिना कारण ही कई-कई महीनों तक ड्यूटी से बाहर रखा जाता है। उन्हें डराया धमकाया जाता है। उन्हें नियम के अनुसार छुट्टियां नहीं दी जाती हैं। कुल वेतन में इनका मूल वेतन भी कम है। अन्य सभी प्रकार के श्रम कानून का भी घोर उल्लंघन हो रहा है।
इस दौरान कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकारी नियम अनुसार न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। 12 घंटे कार्य करने पर नियम अनुसार डबल ओवर टाइम का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों को नियम अनुसार सभी छुट्टियां दी जाएं। गाड़ियों की मेंटेनेंस के दौरान सभी कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट, श्रम विभाग के न्यूनतम वेतन के संदर्भ में आदेशों को तुरंत लागू किया जाए। कर्मचारियों के ईपीएफ व ईएसआई में भी भारी त्रुटियां हैं उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए। कर्मचारियों के वेतन में हर वर्ष कम से कम 10 प्रतिशत वृद्धि की जाए। कर्मचारियों के लिए सभी प्रकार के श्रम कानून को लागू किया जाए। मजदूर विरोधी कर श्रम कोड को निरस्त किया जाए। इस मौके पर सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र, उपाध्यक्ष विपिन शर्मा, यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार, सचिव अमित, यूनियन नेता याकूब, काकू, रोहित, तिलक, मुमताज, पूजा, कामिनि, शशि, रिशु, खेम राज सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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इस दौरान सीटू के महासचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन तक नहीं मिलता है। इन कर्मचारियों से 12 घंटे ड्यूटी करवाई जाती है। उन्हें ओवरटाइम वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला द्वारा और श्रम कार्यालय के आदेशों के बावजूद भी कई वर्षों से इन कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। जब मजदूर यूनियन के माध्यम से मांगों के समाधान के लिए आवाज बुलंद करते हैं तो उन्हें मानसिक तौर से प्रताड़ित किया जाता है। यूनियन के नेतृत्वकारी कर्मचारियों का या तो तबादला कर दिया जाता है। या फिर उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित करके नौकरी से त्यागपत्र देने के लिए मजबूर किया जाता है।
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कई कर्मचारियों को बिना कारण ही कई-कई महीनों तक ड्यूटी से बाहर रखा जाता है। उन्हें डराया धमकाया जाता है। उन्हें नियम के अनुसार छुट्टियां नहीं दी जाती हैं। कुल वेतन में इनका मूल वेतन भी कम है। अन्य सभी प्रकार के श्रम कानून का भी घोर उल्लंघन हो रहा है।
इस दौरान कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकारी नियम अनुसार न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए। 12 घंटे कार्य करने पर नियम अनुसार डबल ओवर टाइम का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों को नियम अनुसार सभी छुट्टियां दी जाएं। गाड़ियों की मेंटेनेंस के दौरान सभी कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट, श्रम विभाग के न्यूनतम वेतन के संदर्भ में आदेशों को तुरंत लागू किया जाए। कर्मचारियों के ईपीएफ व ईएसआई में भी भारी त्रुटियां हैं उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए। कर्मचारियों के वेतन में हर वर्ष कम से कम 10 प्रतिशत वृद्धि की जाए। कर्मचारियों के लिए सभी प्रकार के श्रम कानून को लागू किया जाए। मजदूर विरोधी कर श्रम कोड को निरस्त किया जाए। इस मौके पर सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र, उपाध्यक्ष विपिन शर्मा, यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार, सचिव अमित, यूनियन नेता याकूब, काकू, रोहित, तिलक, मुमताज, पूजा, कामिनि, शशि, रिशु, खेम राज सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।