{"_id":"5a0857bd4f1c1b97678baefc","slug":"101510496189-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला में हिंग राज चिराग को मिली पेड़ों वाला मास्टर की उपाधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला में हिंग राज चिराग को मिली पेड़ों वाला मास्टर की उपाधि
Updated Sun, 12 Nov 2017 07:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। राजकीय उच्च पाठशाला सुरंगाणी में बतौर प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक सेवाएं दे रहे हिंगराज चिराग को लोग अब पेड़ों वाला मास्टर के रूप में पहचानने लगे हैं। चिराग ने ऐसे क्षेत्र में देवदार के पेड़ों को रोपा है, जहां तापमान बिलकुल देवदार के पेड़ों के अनुकूल नहीं है। सुरंगाणी में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली जगह पर हिंगराज चिराग ने 105 देवदार के पेड़ रोपे हैं। इस उपलब्धि की अब हर जगह वाह-वाही हो रही है। विशेष तकनीक और उपायों का प्रयोग इन देवदारों के पौधों को रोपने में हिंग राज चिराग ने किया है। इसके अलावा हिंगराज चिराग ने अन्य फलदार और औषधीय पौधे भी रोपित किए हैं। गौरतलब है कि हिंग राज चिराग अपनी तनख्बाह में से एक प्रतिशत हिस्सा गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण पर खर्च करते हैं। हिंगराज चिराग को जहां पौधरोपण करने का शौक है तो वहीं वर्ष 2006 में लेफ्ट आउट स्कूली विद्यार्थियों को भी राजकीय उच्च पाठशाला सरंगाणी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल कल्हेल तक पहुंचाया है। इन स्कूलों में सेवाएं देते वक्त चिराग ने यह उपलब्धि हासिल की है।
मिल चुका है राज्य शिक्षक पुरस्कार
शिक्षा के क्षेत्र में चिराग के उत्कृष्ठ योगदान के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2011 में उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार से भी नवाज चुकी है। शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए चिराग का नाम राष्ट्रपति अवार्ड के लिए भी भेजा गया है।
विज्ञापन
चंबा। राजकीय उच्च पाठशाला सुरंगाणी में बतौर प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक सेवाएं दे रहे हिंगराज चिराग को लोग अब पेड़ों वाला मास्टर के रूप में पहचानने लगे हैं। चिराग ने ऐसे क्षेत्र में देवदार के पेड़ों को रोपा है, जहां तापमान बिलकुल देवदार के पेड़ों के अनुकूल नहीं है। सुरंगाणी में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली जगह पर हिंगराज चिराग ने 105 देवदार के पेड़ रोपे हैं। इस उपलब्धि की अब हर जगह वाह-वाही हो रही है। विशेष तकनीक और उपायों का प्रयोग इन देवदारों के पौधों को रोपने में हिंग राज चिराग ने किया है। इसके अलावा हिंगराज चिराग ने अन्य फलदार और औषधीय पौधे भी रोपित किए हैं। गौरतलब है कि हिंग राज चिराग अपनी तनख्बाह में से एक प्रतिशत हिस्सा गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण पर खर्च करते हैं। हिंगराज चिराग को जहां पौधरोपण करने का शौक है तो वहीं वर्ष 2006 में लेफ्ट आउट स्कूली विद्यार्थियों को भी राजकीय उच्च पाठशाला सरंगाणी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल कल्हेल तक पहुंचाया है। इन स्कूलों में सेवाएं देते वक्त चिराग ने यह उपलब्धि हासिल की है।
मिल चुका है राज्य शिक्षक पुरस्कार
शिक्षा के क्षेत्र में चिराग के उत्कृष्ठ योगदान के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2011 में उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार से भी नवाज चुकी है। शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए चिराग का नाम राष्ट्रपति अवार्ड के लिए भी भेजा गया है।
विज्ञापन